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अलीगढ़ में 14 साल पहले हुई हत्या में छह को उम्रकैद
Updated Sun, 17 Sep 2017 02:27 AM IST
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14 साल पहले हुई हत्या में छह को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
अतरौली के गांव बहरावत में 14 साल पहले हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त की मृत्यु हो चुकी है।
एडीजीसी सुहेल उस्मानी ने बताया कि अतरौली के गांव बहरावत निवासी रामबाबू पुत्र कल्यान सिंह ने 19 अप्रैल 2003 को अतरौली कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसका भाई नंद किशोर 18 अप्रैल की रात को खेत में लांक इकट्ठा कर रहा था।
रात को करीब 12 बजे गांव के राजबहादुर पुत्र नेत्रपाल, राजेंद्र पुत्र बलवीर, गजेंद्र पुत्र ऋषिपाल, हरीशंकर, महीपाल और भरत सिंह पुत्र ज्वाली सिंह हाथों में तमंचे आदि लेकर खेत पर आ गए। जान से मारने के मकसद से फायर करना शुरू कर दिया। जिससे नंद किशोर के गोलियां लग गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
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घटना की गवाह पड़ोस के खेत पर काम कर रहे लोगों ने मुलजिमों को गोली मारते हुए देखा। मुकदमे की सुनवाई के दौरान राजबहादुर पुत्र नेत्रपाल की मृत्यु हो गई। अदालत में लंबी सुनवाई के बाद दोषसिद्ध हुआ।
शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या 10 के द्वारा अभियुक्त गजेंद्र, राजेंद्र, हरीशंकर, महीपाल, और भरत सिंह को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अर्थ दंड में से आधी धनराशि मुकदमे में वादी रामबाबू को दी जाएगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
अतरौली के गांव बहरावत में 14 साल पहले हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त की मृत्यु हो चुकी है।
एडीजीसी सुहेल उस्मानी ने बताया कि अतरौली के गांव बहरावत निवासी रामबाबू पुत्र कल्यान सिंह ने 19 अप्रैल 2003 को अतरौली कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसका भाई नंद किशोर 18 अप्रैल की रात को खेत में लांक इकट्ठा कर रहा था।
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रात को करीब 12 बजे गांव के राजबहादुर पुत्र नेत्रपाल, राजेंद्र पुत्र बलवीर, गजेंद्र पुत्र ऋषिपाल, हरीशंकर, महीपाल और भरत सिंह पुत्र ज्वाली सिंह हाथों में तमंचे आदि लेकर खेत पर आ गए। जान से मारने के मकसद से फायर करना शुरू कर दिया। जिससे नंद किशोर के गोलियां लग गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
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घटना की गवाह पड़ोस के खेत पर काम कर रहे लोगों ने मुलजिमों को गोली मारते हुए देखा। मुकदमे की सुनवाई के दौरान राजबहादुर पुत्र नेत्रपाल की मृत्यु हो गई। अदालत में लंबी सुनवाई के बाद दोषसिद्ध हुआ।
शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या 10 के द्वारा अभियुक्त गजेंद्र, राजेंद्र, हरीशंकर, महीपाल, और भरत सिंह को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अर्थ दंड में से आधी धनराशि मुकदमे में वादी रामबाबू को दी जाएगी।