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अस्पताल में बने आवासों को लेकर घमासान
Updated Sun, 25 Jun 2017 01:27 AM IST
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अस्पताल में बने आवासों पर घमासान
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
मलखान सिंह जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा एक कर्मचारी को आवास खाली करने का नोटिस देने के बाद अस्पताल परिसर में रह रहे कर्मचारियों में आक्रोश है।
अस्पताल के सीएमएस की ओर से दिए गए नोटिस में कहा गया है कि अस्पताल के सरकारी आवास टाइप टू में वार्ड ब्वाय अशोक कुमार अवैध रूप से रह रहे हैं। कई बार लिखित और मौखिक रूप से आवास खाली करने के लिए निर्देशित किया गया, लेकिन आवास खाली नहीं किया।
यह आवास मोहित चौहान फार्मेसिस्ट के लिए आवंटित है। संबंधित फार्मेसिस्ट अस्पताल की इमरजेंसी और वीआईपी सेवाओं से जुड़ा हुआ है इसलिए फार्मेसिस्ट का अस्पताल में रहना आवश्यक है।
इसके बाद अस्पताल के वह कर्मचारी जो यहां के आवासों में रह रहे हैं, उनमें आक्रोश है। दूसरी ओर अशोक कुमार की दलील है कि उनके वेतन से कटौती की जा रही है।
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इसके बाद भी इस प्रकार नोटिस आदि की बात ठीक नहीं है। उन्होंने सीएमएस को पत्र लिखकर कहा है कि आवास अन्य कर्मियों, सविंदा कर्मियों अन्य चिकित्सा इकाइयों के कर्मियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 14 नोटिस जारी किए थे। क्या उनसे भी स्थिति का विवरण और कटौती आदि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
मलखान सिंह जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा एक कर्मचारी को आवास खाली करने का नोटिस देने के बाद अस्पताल परिसर में रह रहे कर्मचारियों में आक्रोश है।
अस्पताल के सीएमएस की ओर से दिए गए नोटिस में कहा गया है कि अस्पताल के सरकारी आवास टाइप टू में वार्ड ब्वाय अशोक कुमार अवैध रूप से रह रहे हैं। कई बार लिखित और मौखिक रूप से आवास खाली करने के लिए निर्देशित किया गया, लेकिन आवास खाली नहीं किया।
यह आवास मोहित चौहान फार्मेसिस्ट के लिए आवंटित है। संबंधित फार्मेसिस्ट अस्पताल की इमरजेंसी और वीआईपी सेवाओं से जुड़ा हुआ है इसलिए फार्मेसिस्ट का अस्पताल में रहना आवश्यक है।
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इसके बाद अस्पताल के वह कर्मचारी जो यहां के आवासों में रह रहे हैं, उनमें आक्रोश है। दूसरी ओर अशोक कुमार की दलील है कि उनके वेतन से कटौती की जा रही है।
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इसके बाद भी इस प्रकार नोटिस आदि की बात ठीक नहीं है। उन्होंने सीएमएस को पत्र लिखकर कहा है कि आवास अन्य कर्मियों, सविंदा कर्मियों अन्य चिकित्सा इकाइयों के कर्मियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 14 नोटिस जारी किए थे। क्या उनसे भी स्थिति का विवरण और कटौती आदि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।