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अलीगढ़ में भी भजन सुना चुके हैं विनोद अग्रवाल
Updated Wed, 07 Nov 2018 01:36 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
मथुरा में मंगलवार सुबह सुप्रसिद्ध भजन गायक विनोद अग्रवाल के निधन की सूचना जैसे ही फैली, वैसे ही पूरे देश में उनके प्रेमीजनों में मायूसी छा गई। लोगों ने सोशल साइट्स पर उनके साथ खींचे हुए फोटो शेयर करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वहीं बात करें अलीगढ़ की तो शहर से उनका जुड़ाव काफी रहा है। वह शहर में दस से 12 बार भजन संध्या कर चुके हैं।
शहर के महेश्वरी इंटर कॉलेज में उन्होंने आठ फरवरी 2015 को भजन संध्या की थी। इस दौरान उन्होंने कुछ दिनों बाद एक भजन संध्या और की थी। हालांकि अब तक वह शहर में 10 से 12 बार भजन संध्या कर चुके हैं। वहीं शहर में कई परिवार ऐसे भी हैं जो उनसे खासा लगाव लगते थे। विनोद अग्रवाल के वृंदावन वाले आवास पर यहां से कई लोगों का आना जाना भी लगा रहता था। उनके निधन की सूचना पर उनके प्रेमियों में शोक की लहर है। लोगों ने हरीनाम संकीर्तन, भजन संध्या के विख्यात गायक के जाने से पॉजिटिव एनर्जी का जाना बताया है। धर्म प्रेमियों ने उनके जाने को अपूर्णनीय क्षति बताय है।
हरिनाम संकीर्तन के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्षति है। विनोद जी ने ही कीर्तन की अलख जगाई थी। पॉजीटिव एनर्जी के शांत होने की खबर से परिवार सहम गया है।
- राजेश सेंचुरी, व्यापारी
हमारे लिए अपूर्णनीय क्षति है। भक्ति गायकी के क्षेत्र में विनोद जी काफी विख्यात थे। संस्कार भारती उनके जाने से शोक प्रकट करते हुए आशा करती है कि ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे।
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- भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक, जिला संयोजक, संस्कार भारती
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मथुरा में मंगलवार सुबह सुप्रसिद्ध भजन गायक विनोद अग्रवाल के निधन की सूचना जैसे ही फैली, वैसे ही पूरे देश में उनके प्रेमीजनों में मायूसी छा गई। लोगों ने सोशल साइट्स पर उनके साथ खींचे हुए फोटो शेयर करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वहीं बात करें अलीगढ़ की तो शहर से उनका जुड़ाव काफी रहा है। वह शहर में दस से 12 बार भजन संध्या कर चुके हैं।
शहर के महेश्वरी इंटर कॉलेज में उन्होंने आठ फरवरी 2015 को भजन संध्या की थी। इस दौरान उन्होंने कुछ दिनों बाद एक भजन संध्या और की थी। हालांकि अब तक वह शहर में 10 से 12 बार भजन संध्या कर चुके हैं। वहीं शहर में कई परिवार ऐसे भी हैं जो उनसे खासा लगाव लगते थे। विनोद अग्रवाल के वृंदावन वाले आवास पर यहां से कई लोगों का आना जाना भी लगा रहता था। उनके निधन की सूचना पर उनके प्रेमियों में शोक की लहर है। लोगों ने हरीनाम संकीर्तन, भजन संध्या के विख्यात गायक के जाने से पॉजिटिव एनर्जी का जाना बताया है। धर्म प्रेमियों ने उनके जाने को अपूर्णनीय क्षति बताय है।
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हरिनाम संकीर्तन के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्षति है। विनोद जी ने ही कीर्तन की अलख जगाई थी। पॉजीटिव एनर्जी के शांत होने की खबर से परिवार सहम गया है।
- राजेश सेंचुरी, व्यापारी
हमारे लिए अपूर्णनीय क्षति है। भक्ति गायकी के क्षेत्र में विनोद जी काफी विख्यात थे। संस्कार भारती उनके जाने से शोक प्रकट करते हुए आशा करती है कि ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे।
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- भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक, जिला संयोजक, संस्कार भारती