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हुक्का बार पार्टी अब पराग रेस्ट्रों में-ᄋᄂ₩ᅦU¢₩
Updated Mon, 12 Mar 2018 02:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर में हुक्का बार पार्टी का चलन बढ़ता जा रहा है। यह किसकी अनुमति से चल रहे हैं, इसका पता किसी को भी नहीं है। लोगों का कहना है कि इन हुक्का बारों में किशोरों को भी नशीले पदार्थों का सेवन कराया जाता है। अब रामघाट रोड पर सरकारी पराग डेयरी के रेस्टोरेंट में ऐसी ही एक पार्टी होने जा रही है, जिसको ‘स्ट्रेस बस्टर ईव’ पार्टी का नाम दिया गया है।
पराग डेयरी के रेस्टोरेंट में होने वाली पार्टी के प्रचार के लिए शहर में पोस्टर बैनर लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें अनलिमिटेड हुक्का, फोटोशूट, स्नैक्स और डीजे पेश किया जाएगा। कोई भी शौकीन 300 रुपये देकर 25 मार्च को इस पार्टी में शामिल हो सकता है।
हुक्का बार पार्टी में धुएं के शौकीनों को अलग अलग फ्लेवर पेश किए जाते हैं। मसलन मिंट, स्ट्राबेरी, लेमन आदि। हुक्कों में एक टैबलेट के माध्यम से ये फ्लेवर पैदा होते हैं, जिसमें केमिकल का इस्तेमाल होता है।
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आम तौर पर छोटी उम्र में सिगरेट पीने के शौकीनों के लिए हुक्का बार पसंदीदा जगह बनते जा रहे हैं। इन हुक्का बारों में होने वाला मादक धुआं, साथ में बजता तेज आवाज डीजे और कुछ लजीज स्नैक्स इन युवाओं को लुभाते हैं।
कहा जाता है कि हुक्का बार संचालित करने वाले पर्दे के पीछे इसमें नशीले पदार्थ भी पेश करते हैं, जिसका अलग से पैसा वसूला जाता है। युवा अक्सर गर्ल फ्रेंड के साथ समय बिताने के लिए भी इन हुक्का बारों में पहुंचते हैं।
हुक्का बार संचालक रोजाना हजारों रुपये का कारोबार करते हैं लेकिन हुक्का बार का लाइसेंस कहां से जारी हो रहा है? कौन सा सरकारी विभाग इसकी मानीटरिंग कर रहा है? इस बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है।
अभिभावकों के लिए ये बड़ी चिंता का सबब बनता जा रहा है। बीती 26 फरवरी को एक आम अभिभावक ने ट्विटर के माध्यम से एसएसपी राजेश पांडेय से कहा था कि वह खुद अभिभावक बन कर इनकी जांच करें।
होली और राष्ट्रपति के कार्यक्रम के चलते पुलिस की व्यस्तता बढ़ी थी, अब इन हुक्का बारों को चेक कराया जाएगा। अवैध रूप से संचालित ऐसे बार बंद कराए जाएंगे।
- राजेश पांडेय, एसएसपी।
यह कहते हैं सरकारी विभागों के अफसर
हुक्का बार से संबंधित कोई लाइसेंस हमारे विभाग से जारी नहीं होता है। इससे ज्यादा जानकारी नहीं है।
-पीयूष कटिहार, डिप्टी कमिश्नर, सेंट्रल एक्साइज अलीगढ़ ।
जिला आबकारी विभाग से हुक्का बार से संबंधित कोई प्रक्रिया नहीं होती है न कोई लाइसेंस बनता है।
-धीरज शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी।
खाद्य सुरक्षा विभाग केवल खाद्य पदार्थों से संबंधित लाइसेंस देता है, हुक्का बार का कोई लाइसेंस नहीं बनता।
-धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
नगर निगम के माध्यम से इसका कोई लाइसेंस नहीं बनता है, हमारे यहां से कोई लाइसेंस नहीं बना है।
-शिव कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम।
हुक्का बार से संबंधित कोई लाइसेंस हमारे विभाग से जारी नहीं होता है।
-एमपी सिंह, सहायक बाबू मनोरंजन कर विभाग।
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शहर में हुक्का बार पार्टी का चलन बढ़ता जा रहा है। यह किसकी अनुमति से चल रहे हैं, इसका पता किसी को भी नहीं है। लोगों का कहना है कि इन हुक्का बारों में किशोरों को भी नशीले पदार्थों का सेवन कराया जाता है। अब रामघाट रोड पर सरकारी पराग डेयरी के रेस्टोरेंट में ऐसी ही एक पार्टी होने जा रही है, जिसको ‘स्ट्रेस बस्टर ईव’ पार्टी का नाम दिया गया है।
पराग डेयरी के रेस्टोरेंट में होने वाली पार्टी के प्रचार के लिए शहर में पोस्टर बैनर लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें अनलिमिटेड हुक्का, फोटोशूट, स्नैक्स और डीजे पेश किया जाएगा। कोई भी शौकीन 300 रुपये देकर 25 मार्च को इस पार्टी में शामिल हो सकता है।
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हुक्का बार पार्टी में धुएं के शौकीनों को अलग अलग फ्लेवर पेश किए जाते हैं। मसलन मिंट, स्ट्राबेरी, लेमन आदि। हुक्कों में एक टैबलेट के माध्यम से ये फ्लेवर पैदा होते हैं, जिसमें केमिकल का इस्तेमाल होता है।
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आम तौर पर छोटी उम्र में सिगरेट पीने के शौकीनों के लिए हुक्का बार पसंदीदा जगह बनते जा रहे हैं। इन हुक्का बारों में होने वाला मादक धुआं, साथ में बजता तेज आवाज डीजे और कुछ लजीज स्नैक्स इन युवाओं को लुभाते हैं।
कहा जाता है कि हुक्का बार संचालित करने वाले पर्दे के पीछे इसमें नशीले पदार्थ भी पेश करते हैं, जिसका अलग से पैसा वसूला जाता है। युवा अक्सर गर्ल फ्रेंड के साथ समय बिताने के लिए भी इन हुक्का बारों में पहुंचते हैं।
हुक्का बार संचालक रोजाना हजारों रुपये का कारोबार करते हैं लेकिन हुक्का बार का लाइसेंस कहां से जारी हो रहा है? कौन सा सरकारी विभाग इसकी मानीटरिंग कर रहा है? इस बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है।
अभिभावकों के लिए ये बड़ी चिंता का सबब बनता जा रहा है। बीती 26 फरवरी को एक आम अभिभावक ने ट्विटर के माध्यम से एसएसपी राजेश पांडेय से कहा था कि वह खुद अभिभावक बन कर इनकी जांच करें।
होली और राष्ट्रपति के कार्यक्रम के चलते पुलिस की व्यस्तता बढ़ी थी, अब इन हुक्का बारों को चेक कराया जाएगा। अवैध रूप से संचालित ऐसे बार बंद कराए जाएंगे।
- राजेश पांडेय, एसएसपी।
यह कहते हैं सरकारी विभागों के अफसर
हुक्का बार से संबंधित कोई लाइसेंस हमारे विभाग से जारी नहीं होता है। इससे ज्यादा जानकारी नहीं है।
-पीयूष कटिहार, डिप्टी कमिश्नर, सेंट्रल एक्साइज अलीगढ़ ।
जिला आबकारी विभाग से हुक्का बार से संबंधित कोई प्रक्रिया नहीं होती है न कोई लाइसेंस बनता है।
-धीरज शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी।
खाद्य सुरक्षा विभाग केवल खाद्य पदार्थों से संबंधित लाइसेंस देता है, हुक्का बार का कोई लाइसेंस नहीं बनता।
-धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
नगर निगम के माध्यम से इसका कोई लाइसेंस नहीं बनता है, हमारे यहां से कोई लाइसेंस नहीं बना है।
-शिव कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम।
हुक्का बार से संबंधित कोई लाइसेंस हमारे विभाग से जारी नहीं होता है।
-एमपी सिंह, सहायक बाबू मनोरंजन कर विभाग।