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वेद प्रकाश अभिताभ को मिला साहित्य भूषण सम्मान
Updated Tue, 12 Dec 2017 02:45 AM IST
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वेद प्रकाश अमिताभ को मिला साहित्य भूषण सम्मान
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
डीएस कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष व जाने-माने साहित्यकार डॉ. वेदप्रकाश अमिताभ को उप्र हिंदी संस्थान, लखनऊ की ओर से साहित्य भूषण सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें सम्मानपत्र के साथ-साथ बतौर पारितोषिक दो लाख रुपये मिलेंगे। वे अब तक दो दर्जन से अधिक किताबें लिख चुके हैं।
सोमवार देर रात यह सम्मान मिलने की घोषणा से अभिभूत डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि वह इस समय गाजियाबाद में हैं। अलीगढ़ आने पर अपने शुभचिंतकों और समर्थकों का शुक्रिया अदा करेंगे। सम्मान मिलने की सबसे पहले जानकारी लखनऊ के एक मित्र ने उन्हें दी।
उन्होंने बताया कि वह मूलरूप से नियाजी मोहल्ला, गाजीपुर के रहने वाले हैं, मगर उन्होंने मथुरा में अपने चाचा के यहां रह कर एमए, पीएचडी की थी। पहली बार वृंदावन में आईओपी कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया।
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इसके बाद जिस किशोरी रमन कॉलेज मथुरा में पढ़ा था, उसी में पढ़ाना शुरू किया। डीएस कॉलेज में बतौर शिक्षक वर्ष 1972 में नियुक्ति हुई। वर्ष 1996 में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष बने। 37 वर्षों की सेवा के बाद 2009 में सेवानिवृत्त हो गए।
45 वर्षों से अलीगढ़ में रह रहे हैं। उन्होंने दो दर्जन से ज्यादा किताबें लिखी हैं। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि 2003 में अलीगढ़ में साहित्य श्री सम्मान मिला। इसके बाद वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से विश्वविद्यालय स्तरीय लेखन सम्मान से अलंकृत किया था। यह सम्मान उनके लेखन का सम्मान है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
डीएस कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष व जाने-माने साहित्यकार डॉ. वेदप्रकाश अमिताभ को उप्र हिंदी संस्थान, लखनऊ की ओर से साहित्य भूषण सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें सम्मानपत्र के साथ-साथ बतौर पारितोषिक दो लाख रुपये मिलेंगे। वे अब तक दो दर्जन से अधिक किताबें लिख चुके हैं।
सोमवार देर रात यह सम्मान मिलने की घोषणा से अभिभूत डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि वह इस समय गाजियाबाद में हैं। अलीगढ़ आने पर अपने शुभचिंतकों और समर्थकों का शुक्रिया अदा करेंगे। सम्मान मिलने की सबसे पहले जानकारी लखनऊ के एक मित्र ने उन्हें दी।
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उन्होंने बताया कि वह मूलरूप से नियाजी मोहल्ला, गाजीपुर के रहने वाले हैं, मगर उन्होंने मथुरा में अपने चाचा के यहां रह कर एमए, पीएचडी की थी। पहली बार वृंदावन में आईओपी कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया।
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इसके बाद जिस किशोरी रमन कॉलेज मथुरा में पढ़ा था, उसी में पढ़ाना शुरू किया। डीएस कॉलेज में बतौर शिक्षक वर्ष 1972 में नियुक्ति हुई। वर्ष 1996 में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष बने। 37 वर्षों की सेवा के बाद 2009 में सेवानिवृत्त हो गए।
45 वर्षों से अलीगढ़ में रह रहे हैं। उन्होंने दो दर्जन से ज्यादा किताबें लिखी हैं। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि 2003 में अलीगढ़ में साहित्य श्री सम्मान मिला। इसके बाद वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से विश्वविद्यालय स्तरीय लेखन सम्मान से अलंकृत किया था। यह सम्मान उनके लेखन का सम्मान है।