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प्लेसमेंट के पहले मार्केटिंग जरूरी

Fri, 03 Nov 2017 01:26 AM IST
Updated Fri, 03 Nov 2017 01:26 AM IST
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प्लेसमेंट के पहले मार्केटिंग जरूरी
प्लेसमेंट के पहले मार्केटिंग जरूरी
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ब्यूरो अमर उजाला अलीगढ़।

एएमयू ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट आफिस (जेनरल) एवं इंटरनल क्वालिटी एसुरेंस सेल (आईक्यूए) के तत्वावधान में पांच नवंबर को स्ट्रेची हाल में एचआर मीट 2017 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से करीब 40 प्रतिष्ठित कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे।

आईक्यूए के डायरेक्टर एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रो. रिजवान खान एवं टीपीओ साद हमीद ने पत्रकारों को बताया कि वर्तमान समय में प्लेसमेंट से पहले मार्केटिंग जरूरी है। देश के परंपरागत विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट का रिवाज देरी से शुरू हुआ। लेकिन आज मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं सरकार भी इस पर जोर दे रही है। यूनिवर्सिटी रैकिंग से लेकर फंडिंग तक इसका ध्यान रखा जाता है।
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उन्होंने कहा कि एएमयू में प्रतिभा की कमी नहीं है। कारपोरेट वर्ल्ड से बेहतर संबंध बनने के बाद स्वयं कंपनियां यहां के छात्रों के पीछे दौड़ेंगी। एचआर मीट के आयोजन का एक उद्देश्य यह भी है कि दुनिया की बड़ी कंपनियां आए और एएमयू छात्रों के टैलेंट को समझे। उन्होंने कहा कि एचआर मीट के आयोजन से लेकर संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन तक की जिम्मेदारी छात्रों को सौंपी गई है। ताकि कंपनियों के अधिकारी देखे और एएमयू की प्रतिभा को समझें। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री को नहीं पता है कि एक-दूसरे की क्या आवश्यकता है। हमलोग यह जानने की भी कोशिश करेंगे कि कारपोरेट वर्ल्ड हमसे क्या उम्मीद करता है। उसी के अनुरूप छात्रों को तैयार करेंगे। पीआरओ उमर सलीम पीरजादा, मदीहा आदि मौजूद थे।
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विश्वविद्यालय के हालात देख आयोजक आशंकित
अलीगढ़। दो दिन बाद एचआर मीट 2017 का आयोजन होने जा रहा है। देश-विदेश के कंपनियों के अधिकारियों से महीनों के प्रयास के बाद समय मिला है। इधर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रकरण को लेकर छात्र बाब-ए-सैयद बंद कर धरने पर बैठे हैं। छात्र संघ चुनाव को लेकर हंगामा मचा हुआ है। यह हालात कब तक बने रहेंगे, इसका अंदाजा किसी को नहीं है। ऐसे में यह डर भी लोगों को सता रहा है कि धरना, प्रदर्शन और बंद आदि के मौजूदा हालात से गलत मैसेज न चला जाए। हालांकि सभी यह मानकर चल रहे है कि पांच नवंबर तक सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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