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संगम में स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए कारखानों की घेराबंदी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रयागराज में होने वाले कुंभ में गंगा और संगम को साफ सुथरा रखने के लिए शासन के निर्देश पर प्रशासन ने नदियों में गिरने वालों नालों को बंद कराने की कमर कस ली है। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को प्रदूषित करने वाले फैक्ट्रियों के खिलाफ शासन-प्रशासन द्वारा जबर्दस्त नाकेबंदी की जा रही है ताकि कुंभ स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
आलम यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारी ही नहीं बल्कि दूसरे क्षेत्र एवं जनपद के अधिकारी भी अचानक फैक्ट्रियों में पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेरठ एवं बुलंदशहर के अधिकारी साधु आश्रम स्थित वेव डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। इससे काली नदी के आसपास स्थित इकाईयों में खलबली मच गई है।
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भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि गैर जनपद के अधिकारियों को इसलिए दूसरे क्षेत्र में भेजा जा रहा है ताकि बेहतर तरीके से निरीक्षण हो सके और किसी तरह की मिलीभगत हो तो उसका भंडाफोड़ हो सके। क्षेत्रीय कार्यालय अलीगढ़ के अधिकारियों को बुलंदशहर, फर्रुखाबाद एवं मैनपुरी तक जांच के लिए भेजा गया था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि बुलंदशहर में जांच के दौरान एक चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई के लिए हेडक्वार्टर लखनऊ को लिखा गया है। वहां पर बिना ट्रीट किये जल को डिस्चार्ज किया जा रहा था।
15 जनवरी को कुंभ में पहला स्नान
कुंभ में पहला स्नान 15 जनवरी को है। श्रद्धालुओं को संगम में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए गंगा एवं यमुना की सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सहारनपुर से वाया मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, गुलावटी के रास्ते अलीगढ़ आ रही काली नदी कासगंज, फर्रुखाबाद होते हुए कन्नौज में गंगा नदी में मिलती है। डीएम के आदेश पर पहले ही जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी में एसडीएम अतरौली, अधिशासी अभियंता सिंचाई, उपायुक्त डीआईसी, सहायक पर्यावरण अभियंता प्रदूषण नियंत्रण को शामिल किया गया है।
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प्रयागराज में होने वाले कुंभ में गंगा और संगम को साफ सुथरा रखने के लिए शासन के निर्देश पर प्रशासन ने नदियों में गिरने वालों नालों को बंद कराने की कमर कस ली है। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को प्रदूषित करने वाले फैक्ट्रियों के खिलाफ शासन-प्रशासन द्वारा जबर्दस्त नाकेबंदी की जा रही है ताकि कुंभ स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
आलम यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारी ही नहीं बल्कि दूसरे क्षेत्र एवं जनपद के अधिकारी भी अचानक फैक्ट्रियों में पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेरठ एवं बुलंदशहर के अधिकारी साधु आश्रम स्थित वेव डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। इससे काली नदी के आसपास स्थित इकाईयों में खलबली मच गई है।
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भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि गैर जनपद के अधिकारियों को इसलिए दूसरे क्षेत्र में भेजा जा रहा है ताकि बेहतर तरीके से निरीक्षण हो सके और किसी तरह की मिलीभगत हो तो उसका भंडाफोड़ हो सके। क्षेत्रीय कार्यालय अलीगढ़ के अधिकारियों को बुलंदशहर, फर्रुखाबाद एवं मैनपुरी तक जांच के लिए भेजा गया था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि बुलंदशहर में जांच के दौरान एक चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई के लिए हेडक्वार्टर लखनऊ को लिखा गया है। वहां पर बिना ट्रीट किये जल को डिस्चार्ज किया जा रहा था।
15 जनवरी को कुंभ में पहला स्नान
कुंभ में पहला स्नान 15 जनवरी को है। श्रद्धालुओं को संगम में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए गंगा एवं यमुना की सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सहारनपुर से वाया मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, गुलावटी के रास्ते अलीगढ़ आ रही काली नदी कासगंज, फर्रुखाबाद होते हुए कन्नौज में गंगा नदी में मिलती है। डीएम के आदेश पर पहले ही जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी में एसडीएम अतरौली, अधिशासी अभियंता सिंचाई, उपायुक्त डीआईसी, सहायक पर्यावरण अभियंता प्रदूषण नियंत्रण को शामिल किया गया है।