{"_id":"5ad11ca84f1c1b80028b4663","slug":"121523653800-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ में तीन घंटे में 40 आवेदन आए लाइसें बनवाने को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ में तीन घंटे में 40 आवेदन आए लाइसें बनवाने को
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:40 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अमर उजाला में ‘आरटीओ ने हड़पे आवेदकों के एक लाख 60 हजार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार की दोपहर से आनन-फानन सारथी-4 के तहत लाइसेंस बनाना शुरू हो गया। बुधवार को 40, गुरुवार को 150 तथा शुक्रवार को भी 160 के करीब आवेदकों ने लाइसेंस बनने के लिए आवेदन किया।
आरटीओ कार्यालय में पांच अप्रैल से सारथी-4 सॉफ्टवेयर के तहत ऑनलाइन लाइसेंस बनने का काम शुरू होना था, लेकिन पांच दिन बाद भी अधिकारी इसे शुरू नहीं करा सके। इस बीच उन आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ा जिन्हें अपना लाइसेंस परमानेंट करवाने थे। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा इन पांच दिनों में लाइसेंस परमानेंट कराने वालों को उठाना पड़ा।
बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन दोपहर दो बजे के करीब ऑनलाइन लाइसेंस बनाने का काम शुरू हो गया। बुधवार को 40 तथा गुरुवार को 150 लोगों ने लाइसेंस बनाने के लिए ऑनलाइन फीस जमा कराई।
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बुधवार की दोपहर दो बजे के करीब सारथी-4 के तहत लाइसेंस बनना शुरू हो गया था। पहले दिन आवेदन करने वालों की संख्या कम थी, लेकिन गुरुवार को यह 150 तक पहुंच गई। - वीके चौधरी, संभागीय निरीक्षक।
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अमर उजाला में ‘आरटीओ ने हड़पे आवेदकों के एक लाख 60 हजार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार की दोपहर से आनन-फानन सारथी-4 के तहत लाइसेंस बनाना शुरू हो गया। बुधवार को 40, गुरुवार को 150 तथा शुक्रवार को भी 160 के करीब आवेदकों ने लाइसेंस बनने के लिए आवेदन किया।
आरटीओ कार्यालय में पांच अप्रैल से सारथी-4 सॉफ्टवेयर के तहत ऑनलाइन लाइसेंस बनने का काम शुरू होना था, लेकिन पांच दिन बाद भी अधिकारी इसे शुरू नहीं करा सके। इस बीच उन आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ा जिन्हें अपना लाइसेंस परमानेंट करवाने थे। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा इन पांच दिनों में लाइसेंस परमानेंट कराने वालों को उठाना पड़ा।
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बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन दोपहर दो बजे के करीब ऑनलाइन लाइसेंस बनाने का काम शुरू हो गया। बुधवार को 40 तथा गुरुवार को 150 लोगों ने लाइसेंस बनाने के लिए ऑनलाइन फीस जमा कराई।
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बुधवार की दोपहर दो बजे के करीब सारथी-4 के तहत लाइसेंस बनना शुरू हो गया था। पहले दिन आवेदन करने वालों की संख्या कम थी, लेकिन गुरुवार को यह 150 तक पहुंच गई। - वीके चौधरी, संभागीय निरीक्षक।