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अलीगढ़... शासन ने मांगी भगोड़े डाक्टर और जमे कर्मियों की सूची तलब की
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:58 AM IST
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शासन ने मांगी भगोड़े डॉक्टर और जमे कर्मियों की सूची
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शासन के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से उन कर्मियों व डॉक्टरों की सूची तलब की है, जिनका स्थानांतरण हो चुका है या जो लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे हैं और भगोड़े घोषित हैं।
इसके पीछे मकसद है कि भगोड़े डॉक्टरों के पदों पर नए चिकित्सक नियुक्त किए जा सकें। साथ ही लंबे समय से जमे पड़े कर्मियों का काकस तोड़ा जा सके। दूसरी ओर मुख्यमंत्री सचिवालय से महिला अस्पताल में तैनात स्टाफ, और स्टाफ की कमी होने का विवरण मांगा गया है। यह भी विवरण मांगा है कि कर्मचारियों के आवास कितने रिक्त हैं और कितनों पर बाहरी तत्वों का कब्जा है।
स्वास्थ्य विभाग में जिले में करीब 70 से अधिक ऐसे डाक्टर हैं जो अपने पदों को छोड़कर कहां हैं विभाग को नहीं बताया है। विभाग की ओर से ऐसे डॉक्टरों की सूची बनाई गई। देखा गया कि इन डॉक्टरों की वजह से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कुछ पटलों पर स्टाफ भी कम है। जिला अस्पतालों में नर्सों और वार्ड ब्वाय आदि के कई पद खाली हैं।
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इन सभी बातों का विवरण जुटा कर शासन को भेजा है। सोमवार को ही मुख्यमंत्री सचिवालय से महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान के पास फोन आया और स्टाफ की संख्या और खाली पड़े पदों पर जानकारी मांगी। शासन ने पूछा है कि मलखान सिंह जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में कौन ऐसे लोग हैं जो बाहरी हैं और स्टाफ क्वार्ट्स में रह रहे हैं।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शासन के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से उन कर्मियों व डॉक्टरों की सूची तलब की है, जिनका स्थानांतरण हो चुका है या जो लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे हैं और भगोड़े घोषित हैं।
इसके पीछे मकसद है कि भगोड़े डॉक्टरों के पदों पर नए चिकित्सक नियुक्त किए जा सकें। साथ ही लंबे समय से जमे पड़े कर्मियों का काकस तोड़ा जा सके। दूसरी ओर मुख्यमंत्री सचिवालय से महिला अस्पताल में तैनात स्टाफ, और स्टाफ की कमी होने का विवरण मांगा गया है। यह भी विवरण मांगा है कि कर्मचारियों के आवास कितने रिक्त हैं और कितनों पर बाहरी तत्वों का कब्जा है।
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स्वास्थ्य विभाग में जिले में करीब 70 से अधिक ऐसे डाक्टर हैं जो अपने पदों को छोड़कर कहां हैं विभाग को नहीं बताया है। विभाग की ओर से ऐसे डॉक्टरों की सूची बनाई गई। देखा गया कि इन डॉक्टरों की वजह से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कुछ पटलों पर स्टाफ भी कम है। जिला अस्पतालों में नर्सों और वार्ड ब्वाय आदि के कई पद खाली हैं।
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इन सभी बातों का विवरण जुटा कर शासन को भेजा है। सोमवार को ही मुख्यमंत्री सचिवालय से महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान के पास फोन आया और स्टाफ की संख्या और खाली पड़े पदों पर जानकारी मांगी। शासन ने पूछा है कि मलखान सिंह जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में कौन ऐसे लोग हैं जो बाहरी हैं और स्टाफ क्वार्ट्स में रह रहे हैं।