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अलीगढ़ में बाजरे के दाम गिरने पर हंगामा
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:19 AM IST
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बाजरे का दाम गिरने पर किसानों ने किया हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला, इगलास (अलीगढ़)।
बाजरे के दाम में आई कमी से चिंतित किसानों ने मंगलवार को कृषि उत्पादन उप मंडी समिति परिसर में हंगामा किया। एसडीएम के जरिए सरकार को ज्ञापन भेजा गया जिसमें बाजरे की सरकारी खरीद करने एवं किसानों को उचित दाम दिलाए जाने की मांग की गई है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी हरपाल सिंह ने मंगलवार को स्थानीय उपमंडी समिति में किसानों के साथ पंचायत की। पंचायत में किसानों ने कहा कि इस बार आढ़तिया बाजरे की खरीद छह सौ रुपये से नौ सौ रुपये तक में कर रहे हैं, जबकि पिछले वर्षों में बाजरे की कीमत एक हजार चार सौ रुपये से लेकर एक हजार छह सौ रुपये प्रति क्विंटल तक थी।
इस बार बाजरे के दाम इस तरह गिरने से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। चौ. हरपाल सिंह के नेतृत्व में पंचायत के बाद किसान तहसील पहुंचे।
एसडीएम के जरिए ज्ञापन भेजते हुए प्रदेश व केंद्र सरकार से बाजरा व आलू उत्पादक किसानों को राहत देते हुए आलू एवं बाजरे का अधिकतम समर्थन मूल्य तय करने और सरकारी खरीद करने की मांग उठाई गई। पंचायत में शशांक शेखर, मोतीराम, रामपाल सिंह, राजकुमार, महेंद्र सिंह, हरीशंकर, जयपाल सिंह, जीतू शर्मा, राजेश कुमार, सुखवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो, अमर उजाला, इगलास (अलीगढ़)।
बाजरे के दाम में आई कमी से चिंतित किसानों ने मंगलवार को कृषि उत्पादन उप मंडी समिति परिसर में हंगामा किया। एसडीएम के जरिए सरकार को ज्ञापन भेजा गया जिसमें बाजरे की सरकारी खरीद करने एवं किसानों को उचित दाम दिलाए जाने की मांग की गई है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी हरपाल सिंह ने मंगलवार को स्थानीय उपमंडी समिति में किसानों के साथ पंचायत की। पंचायत में किसानों ने कहा कि इस बार आढ़तिया बाजरे की खरीद छह सौ रुपये से नौ सौ रुपये तक में कर रहे हैं, जबकि पिछले वर्षों में बाजरे की कीमत एक हजार चार सौ रुपये से लेकर एक हजार छह सौ रुपये प्रति क्विंटल तक थी।
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इस बार बाजरे के दाम इस तरह गिरने से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। चौ. हरपाल सिंह के नेतृत्व में पंचायत के बाद किसान तहसील पहुंचे।
एसडीएम के जरिए ज्ञापन भेजते हुए प्रदेश व केंद्र सरकार से बाजरा व आलू उत्पादक किसानों को राहत देते हुए आलू एवं बाजरे का अधिकतम समर्थन मूल्य तय करने और सरकारी खरीद करने की मांग उठाई गई। पंचायत में शशांक शेखर, मोतीराम, रामपाल सिंह, राजकुमार, महेंद्र सिंह, हरीशंकर, जयपाल सिंह, जीतू शर्मा, राजेश कुमार, सुखवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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