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बाहर की दवा लिखने पर जिला अस्पताल में हंगामा
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:23 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मलखान सिंह जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में डॉक्टर के अस्पताल से बाहर की दवा लिखने पर एक मरीज के तीमारदार और फार्मेसिस्ट के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
तीमारदार के साथ आई गुस्साई भीड़ ने औषधि कक्ष में तोड़फोड़ का प्रयास किया। बाद में स्टाफ के अन्य लोगों के आने और समझाने पर मामला शांत हुआ। सीएमएस ने मामले की जांच की बात कही है।
देहली गेट के जमालपुर निवासी सुरेश भारती अपने परिजनों के साथ सोमवार को जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आंखों के इलाज के लिए पहुंचे थे। सुरेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने दवा की दो पर्चियां लिखकर दीं। दोनों पर्चियां लेकर तीमारदार दवा लेने दवा वितरण कक्ष की खिड़की पर पहुंचे। वहां मौजूद फार्मेसिस्ट ने एक पर्ची की दवा दे दी।
दूसरी पर्ची की दवा के विषय में पूछने पर फार्मेसिस्ट ने कहा यह दवा कहां मिलेगी, यह डाक्टर साहब से पूछो? (यही बाहर मिलने वाली दवा थी)। इसी बात पर तीमारदारों और फार्मेसिस्ट के बीच नोकझोंक होने लगी। हंगामा शुरू हो गया। तीमारदारों के साथ भीड़ औषधि कक्ष में घुस गई और तोड़फोड़ का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद स्टाफ के अन्य लोगों ने स्थिति को संभाल लिया। पूरे मामले की जानकारी सीएमएस को दी गई उन्होंने मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया है।
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पहले पकड़ा जा चुका है बाहर की दवा लिखने वाला
जिला अस्पताल में पहले भी बाहर की दवाएं लिखने को लेकर हंगामे की न जाने कितनी घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल स्टोर वाले को बाहर की दवाएं लिखकर मरीज को पर्चा देते पकड़ा गया था। उसे सीएमएस के सामने प्रस्तुत किया गया, जिसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। आरोपी व्यक्ति अस्पताल के बाहर ही एक मेडिकल स्टोर पर बैठता था।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में डॉक्टर के अस्पताल से बाहर की दवा लिखने पर एक मरीज के तीमारदार और फार्मेसिस्ट के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
तीमारदार के साथ आई गुस्साई भीड़ ने औषधि कक्ष में तोड़फोड़ का प्रयास किया। बाद में स्टाफ के अन्य लोगों के आने और समझाने पर मामला शांत हुआ। सीएमएस ने मामले की जांच की बात कही है।
देहली गेट के जमालपुर निवासी सुरेश भारती अपने परिजनों के साथ सोमवार को जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आंखों के इलाज के लिए पहुंचे थे। सुरेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने दवा की दो पर्चियां लिखकर दीं। दोनों पर्चियां लेकर तीमारदार दवा लेने दवा वितरण कक्ष की खिड़की पर पहुंचे। वहां मौजूद फार्मेसिस्ट ने एक पर्ची की दवा दे दी।
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दूसरी पर्ची की दवा के विषय में पूछने पर फार्मेसिस्ट ने कहा यह दवा कहां मिलेगी, यह डाक्टर साहब से पूछो? (यही बाहर मिलने वाली दवा थी)। इसी बात पर तीमारदारों और फार्मेसिस्ट के बीच नोकझोंक होने लगी। हंगामा शुरू हो गया। तीमारदारों के साथ भीड़ औषधि कक्ष में घुस गई और तोड़फोड़ का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद स्टाफ के अन्य लोगों ने स्थिति को संभाल लिया। पूरे मामले की जानकारी सीएमएस को दी गई उन्होंने मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया है।
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पहले पकड़ा जा चुका है बाहर की दवा लिखने वाला
जिला अस्पताल में पहले भी बाहर की दवाएं लिखने को लेकर हंगामे की न जाने कितनी घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल स्टोर वाले को बाहर की दवाएं लिखकर मरीज को पर्चा देते पकड़ा गया था। उसे सीएमएस के सामने प्रस्तुत किया गया, जिसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। आरोपी व्यक्ति अस्पताल के बाहर ही एक मेडिकल स्टोर पर बैठता था।