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Aligarh: स्कूल ने कहा पढ़ने में कमजोर है, घर पर कराएं तैयारी, दसवीं की छात्रा ने फंदे पर लटक कर दे दी जान
Fri, 03 May 2024 08:18 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 03 May 2024 08:18 PM IST
सार
अलीगढ़ के रामघाट रोड स्थित एक नामी स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा थी। पिछले दिनों स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को अभिभावकों के साथ स्कूल बुलाया था। छात्रा के पिता के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने बताया कि कक्षा नौ में बेटी पढ़ने में कमजोर थी। उस पर ध्यान देने की बात कही। यह भी कहा कि यदि चाहें तो वे उसे घर पर ही रखकर परीक्षा की बेहतर तैयारी कराएं, ताकि दसवीं की परीक्षा में उसके अच्छे अंक आएं।
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छात्रा ने की खुदकुशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अलीगढ़ महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र की कक्षा दसवीं की एक छात्रा ने घर के कमरे में फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। अभिभावकों के साथ बुलाकर स्कूल प्रबंधन द्वारा पढ़ने-लिखने में कमजोर आंकने और घर पर परीक्षा की बेहतर तैयारी करने की सीख से छात्रा आहत थी। बिना किसी कार्रवाई के परिजनों ने शव सुपुर्द ए खाक कर दिया।
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सिविल लाइंस इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति एएमयू में सेक्शन अफसर के पद पर तैनात हैं। उनकी 15 वर्षीय बेटी शहर के रामघाट रोड स्थित एक नामी स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा थी। पिछले दिनों स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को अभिभावकों के साथ स्कूल बुलाया था। छात्रा के पिता के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने बताया कि कक्षा नौ में बेटी पढ़ने में कमजोर थी। उस पर ध्यान देने की बात कही। यह भी कहा कि यदि चाहें तो वे उसे घर पर ही रखकर परीक्षा की बेहतर तैयारी कराएं, ताकि दसवीं की परीक्षा में उसके अच्छे अंक आएं।
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चर्चा इस बात की भी है कि छात्रा स्कूल में पढ़ाई के दौरान अपने किसी सहपाठी छात्र से बातचीत कर रही थी, तभी प्रधानाचार्या ने उसे डांट दिया था। स्कूल से निष्कासित भी कर दिया था। छात्रा स्कूल व अभिभावकों की डांट-फटकार से काफी आहत थी। छात्रा 2 मई देर शाम घर में अपने कमरे में जाकर बंद हो गई और पंखे के सहारे फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक जब कमरे में चहल-पहल नहीं हुई तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने दरवाजा तोड़कर छात्रा को फंदे से नीचे उतारा और उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में लेकर पहुंचे, वहां चिकित्सकों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया।
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इलाका पुलिस के संज्ञान में छात्रा के खुदकुशी का मामला सामने आया, लेकिन परिजनों द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई करने से साफ इन्कार कर दिया गया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रा का पढ़ाई में प्रदर्शन अच्छा नहीं था। इसलिए उसके माता-पिता को बुलाकर उसके बारे में यथा स्थिति बताई गई थी। घर पर पढ़ाएं और परीक्षा दिलवाएं। उसे निष्कासित नहीं किया गया था। उधर, सपा नेता विनोद सविता ने कहा कि छात्रा की आत्महत्या के मामले में डीआईओएस को जांच करनी चाहिए।