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मोहन लाल अस्पताल का कायाकल्प योजना में चयन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
मोहन लाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय का चयन उत्तर प्रदेश की कायाकल्प योजना में हो गया है। जिसके तहत अस्पताल को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत संचालित काया कल्प प्रोग्राम के अंतर्गत इस धनराशि से ओपीडी, प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, प्रकाश, पेयजल, टाइल्स, महिला पुरुष शौचालय, मेडिकल स्टोर, दिव्यांग शौचालय, नोटिस बोर्ड, प्रतीक्षालय की व्यवस्थाएं बेहतर की जाएंगी। धनराशि का 75 फीसदी अंश अपग्रेडेशन और 25 फीसदी स्टाफ कर्मियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। शासन की क्वालिटी कंट्रोल के निरीक्षण के बाद सर्वाधिक अंकों के साथ इस अस्पताल को चयनित किया था।
डा. प्रधान ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 35 से 40 प्रसव होते हैं, जिसमें अधिकांश बिना ऑपरेशन के हो रहे हैं। हर दिन लगभग 550 महिलाओं को ओपीडी में इलाज मुहैया कराया जा रहा है। सभी प्रकार के टीकाकरण यहां हो रहे हैं। , महिला नसबंदी के साथ समय से पहले जन्म लेने नवजात बच्चों को मार्डन एसएनसीयू यूनिट में संभालने का काम भी होता है। गुजरे चार वर्ष में यहां प्रसव के दौरान कोई मौत नहीं हुई है। इसके साथ अस्पताल में दवा, इलाज और साफ सफाई का खास ख्याल रखा जा रहा है। इसी वजह से अस्पताल इस योजना में अपना स्थान प्राप्त कर सका है।
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मोहन लाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय का चयन उत्तर प्रदेश की कायाकल्प योजना में हो गया है। जिसके तहत अस्पताल को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत संचालित काया कल्प प्रोग्राम के अंतर्गत इस धनराशि से ओपीडी, प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, प्रकाश, पेयजल, टाइल्स, महिला पुरुष शौचालय, मेडिकल स्टोर, दिव्यांग शौचालय, नोटिस बोर्ड, प्रतीक्षालय की व्यवस्थाएं बेहतर की जाएंगी। धनराशि का 75 फीसदी अंश अपग्रेडेशन और 25 फीसदी स्टाफ कर्मियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। शासन की क्वालिटी कंट्रोल के निरीक्षण के बाद सर्वाधिक अंकों के साथ इस अस्पताल को चयनित किया था।
डा. प्रधान ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 35 से 40 प्रसव होते हैं, जिसमें अधिकांश बिना ऑपरेशन के हो रहे हैं। हर दिन लगभग 550 महिलाओं को ओपीडी में इलाज मुहैया कराया जा रहा है। सभी प्रकार के टीकाकरण यहां हो रहे हैं। , महिला नसबंदी के साथ समय से पहले जन्म लेने नवजात बच्चों को मार्डन एसएनसीयू यूनिट में संभालने का काम भी होता है। गुजरे चार वर्ष में यहां प्रसव के दौरान कोई मौत नहीं हुई है। इसके साथ अस्पताल में दवा, इलाज और साफ सफाई का खास ख्याल रखा जा रहा है। इसी वजह से अस्पताल इस योजना में अपना स्थान प्राप्त कर सका है।
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