{"_id":"5b84604642c792465864455c","slug":"101535402054-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन खुर्द बुर्द करने के दोषी तीनों डीलरों की दुकानें निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन खुर्द बुर्द करने के दोषी तीनों डीलरों की दुकानें निरस्त
Updated Tue, 28 Aug 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के एनआईसी साफ्टवेयर और आधार लिंकेज प्रणाली में सेंध लगाकर सरकार अनाज लूटने के मामले के आरोपी तीनों राशन डीलरों की दुकानें निलंबित कर दी गई हैं। डीएसओ की रिपोर्ट पर डीएम ने इनके निलंबन की संस्तुति कर दी है। इधर घटना को तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस हाथरस के आपरेटर समेत तीनों फरार आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी है।
प्रदेश स्तर पर 43 जिलों में करीब दो हजार राशन की दुकानों के जरिये 1.86 लाख से अधिक परिवारों का करीब 12 करोड़ का राशन फर्जी आधार कार्ड से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के एनआईसी साफ्टवेयर और आधार लिंकेज प्रणाली में सेध लगाकर लूटने का मामला प्रकाश में आया था। इस सूची में शामिल अलीगढ़ जनपद में जब जांच की गई तो पता चला कि अलीगढ़ में भी तीन राशन डीलरों की दुकान से कुछ सेकेंडों के लिए उपभोक्ता का आधार हटाकर दूसरे आधार से गल्ला निकाला गया है।
इस मामले में जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात आपरेटर पवन शर्मा व हाथरस का आपरेटर विवेकानंद नगर हाथरस निवासी राकेश प्रबल, औरंगाबाद छावनी के डीलर सुरेंद्र गुप्ता, बरौला जाफराबाद के डीलर उमाकांत सिंह एवं विजयगढ़ के डीलर सीयाराम के बेटे आनंद को दोषी पाया गया। इनमें से जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात आपरेटर पवन शर्मा एवं विजयगढ़ के डीलर सीयाराम और उसके बेटे आनंद को पुलिस ने शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। शेष आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
विज्ञापन
इस मामले में सोमवार को डीएसओ ने रिपोर्ट तैयार कर तीनों राशन डीलरों की दुकानों के निलंबन की अनुमति डीएम से मांगी थी। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने तीनों डीलरों की दुकान निलंबित करने के आदेश जारी कर दिये हैं।
विज्ञापन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के एनआईसी साफ्टवेयर और आधार लिंकेज प्रणाली में सेंध लगाकर सरकार अनाज लूटने के मामले के आरोपी तीनों राशन डीलरों की दुकानें निलंबित कर दी गई हैं। डीएसओ की रिपोर्ट पर डीएम ने इनके निलंबन की संस्तुति कर दी है। इधर घटना को तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस हाथरस के आपरेटर समेत तीनों फरार आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी है।
प्रदेश स्तर पर 43 जिलों में करीब दो हजार राशन की दुकानों के जरिये 1.86 लाख से अधिक परिवारों का करीब 12 करोड़ का राशन फर्जी आधार कार्ड से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के एनआईसी साफ्टवेयर और आधार लिंकेज प्रणाली में सेध लगाकर लूटने का मामला प्रकाश में आया था। इस सूची में शामिल अलीगढ़ जनपद में जब जांच की गई तो पता चला कि अलीगढ़ में भी तीन राशन डीलरों की दुकान से कुछ सेकेंडों के लिए उपभोक्ता का आधार हटाकर दूसरे आधार से गल्ला निकाला गया है।
विज्ञापन
इस मामले में जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात आपरेटर पवन शर्मा व हाथरस का आपरेटर विवेकानंद नगर हाथरस निवासी राकेश प्रबल, औरंगाबाद छावनी के डीलर सुरेंद्र गुप्ता, बरौला जाफराबाद के डीलर उमाकांत सिंह एवं विजयगढ़ के डीलर सीयाराम के बेटे आनंद को दोषी पाया गया। इनमें से जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात आपरेटर पवन शर्मा एवं विजयगढ़ के डीलर सीयाराम और उसके बेटे आनंद को पुलिस ने शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। शेष आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
विज्ञापन
इस मामले में सोमवार को डीएसओ ने रिपोर्ट तैयार कर तीनों राशन डीलरों की दुकानों के निलंबन की अनुमति डीएम से मांगी थी। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने तीनों डीलरों की दुकान निलंबित करने के आदेश जारी कर दिये हैं।