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अज्जू ने दिया धरना, जफर ने कहा असंवैधानिक
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:56 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला कारगार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी में मृत पाए गए जोहराबाग निवासी फुरकान के आश्रितों को अब तक कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिलने पर सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक ने शनिवार को समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। इस धरने का एलान सोमवार को किया गया था, जिसमें अज्जू के साथ सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। ये समय अवधि गुरुवार को पूरी हो गई थी इसलिए अज्जू गुट ने शुक्रवार को धरना दिया।
वहीं पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने कहा है कि सपा की नीतियों के अनुसार पूर्व महानगर अध्यक्ष को इस तरह के गंभीर मामलों में धरना प्रदर्शन करने का हक नहीं है। ऐसे में सपाइयों को भ्रमित करने के उद्देश्य से दिया गया ये धरना असंवैधानिक है। धरने का एलान करने, धरना प्रदर्शन करने का हक केवल वर्तमान जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को ही है। पूर्व नगर विधायक के इस बयान से सपा की अंदरुनी गुटबाजी खुल कर सामने आ गई है। कई महीनों से सपा में जफर आलम और अज्जू इशहाक के बीच अंदरखाने तनातनी का माहौल है।
कलक्ट्रेट में सुबह 11 बजे के करीब सपाई लाल टोपी लगाए एकत्र होने लगे थे। यहां पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, दिनेश यादव सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। वहीं कुछ सपाइयों ने यहां भाजपा सरकार का पुतला फूंका। पुतला फूंकने के दौरान पुलिस से भी नोकझोंक हुई।
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अज्जू ने कहा कि फुरकान के परिजनों को जब तक सरकार की ओर से मदद नहीं मिल जाती है। सपा का धरना प्रदर्शन और आंदोलन होता रहेगा। सपा फुरकान के साथ है। तकरीबन दो घंटे तक धरने का आयोजन किया गया। नेताओं ने वर्तमान में केंद्र और प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को जम कर कोसा। इस धरने प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी सवाल उठे हैं। जिस पर धरनारत लोगों से जवाब तलब किया गया है।
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जिला कारगार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी में मृत पाए गए जोहराबाग निवासी फुरकान के आश्रितों को अब तक कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिलने पर सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक ने शनिवार को समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। इस धरने का एलान सोमवार को किया गया था, जिसमें अज्जू के साथ सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। ये समय अवधि गुरुवार को पूरी हो गई थी इसलिए अज्जू गुट ने शुक्रवार को धरना दिया।
वहीं पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने कहा है कि सपा की नीतियों के अनुसार पूर्व महानगर अध्यक्ष को इस तरह के गंभीर मामलों में धरना प्रदर्शन करने का हक नहीं है। ऐसे में सपाइयों को भ्रमित करने के उद्देश्य से दिया गया ये धरना असंवैधानिक है। धरने का एलान करने, धरना प्रदर्शन करने का हक केवल वर्तमान जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को ही है। पूर्व नगर विधायक के इस बयान से सपा की अंदरुनी गुटबाजी खुल कर सामने आ गई है। कई महीनों से सपा में जफर आलम और अज्जू इशहाक के बीच अंदरखाने तनातनी का माहौल है।
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कलक्ट्रेट में सुबह 11 बजे के करीब सपाई लाल टोपी लगाए एकत्र होने लगे थे। यहां पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, दिनेश यादव सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। वहीं कुछ सपाइयों ने यहां भाजपा सरकार का पुतला फूंका। पुतला फूंकने के दौरान पुलिस से भी नोकझोंक हुई।
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अज्जू ने कहा कि फुरकान के परिजनों को जब तक सरकार की ओर से मदद नहीं मिल जाती है। सपा का धरना प्रदर्शन और आंदोलन होता रहेगा। सपा फुरकान के साथ है। तकरीबन दो घंटे तक धरने का आयोजन किया गया। नेताओं ने वर्तमान में केंद्र और प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को जम कर कोसा। इस धरने प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी सवाल उठे हैं। जिस पर धरनारत लोगों से जवाब तलब किया गया है।