फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   अलीगढ़ में फूल चौक से निकला ताजिए का जुलूस

अलीगढ़ में फूल चौक से निकला ताजिए का जुलूस

Sun, 01 Oct 2017 05:35 PM IST
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:35 PM IST
विज्ञापन
अलीगढ़ में फूल चौक से निकला ताजिए का जुलूस
फूल चौक से निकला ताजिए का जुलूस
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

मुहर्रम की चार तारीख को फूल चौक स्थित इमामबाड़ा रियासत अली से ताजिए का जुलूस निकला। जुलूस इमामबाड़ा से उठकर छतारी वाली मस्जिद, गली डोली वाली, आतिश बाजान, पहला फर्श, दूसरा फर्श से मुड़कर मस्जिद शियान पर पहुंचा। ताजिए रखकर मातम, नोहा पढ़े गए।

ताजिए का जुलूस राजा जी के चबूतरे पर रखा गया। फिर यहां से उठकर चौक बुंदू खां, पुल कंजड़ान, जामा मस्जिद, चंदन शहीद रोड, घास मंडी, काला महल से मोहल्ला रंगरेजान, दरबार गेट, बनी पर जुलूस समाप्त हुआ। ताजिए पर महिलाएं और पुरुषों ने माला चढ़ाकर मन्नत मांगी।
विज्ञापन


नोहाख्वानी करने वालों में अनवार हैदर, बुद्धन, गुलरेज, बबलू आदि थे। करबला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी, इमामबाड़ा रियासत अली के सैयद परवेज अख्तर, बॉबी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम थे। जुलूस में सीओ सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, कोतवाली इंस्पेक्टर आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां हो रही मजलिस
चांद की तारीख जगह समय
नौ मुहर्रम तक नेशनल कॉलोनी सुबह आठ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा फूल चौराहा सुबह 11 बजे
नौ मुहर्रम तक अकबर मार्केट दोधपुर दोपहर दो बजे
नौ मुहर्रम तक बैतुल सलात एएमयू शाम 4:15 बजे
नौ मुहर्रम तक शमशाद मार्केट 4:30 बजे
नौ मुहर्रम तक भमोला क्रासिंग मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक हुसैनी मस्जिद जोहरा बाग मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा नगला मल्लाह मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा धौर्रामाफी मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा केलानगर मगरिब नमाज बाद
दस मुहर्रम तक कोठी रानी दुल्हन रात आठ बजे
नौ मुहर्रम तक इमाबाड़ा अख्तर रजा रात आठ बजे
दस मुहर्रम इमामबाड़ा हुसैनिया जेहरा केलानगर रात नौ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा भुजपुरा रात 8:30 बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा मोहम्मद हुसैन रात नौ बजे

चौथी मुहर्रम का वाकया
करबला की सरजमीं पर चौथी मुहर्रम को इमाम हुसैन की बहन हजरत जैनब के बेटे हजरत औन और हजरत मोहम्मद शहीद हो गए थे। जब दोनों मासूम बच्चे जंग में जाने की इजाजत मांगने अपने मामू जान (इमाम हुसैन) के पास गए तो उन्होंने मना कर दिया। बोले, बच्चों अभी आप बहुत छोटे हैं। जंग में आपको नहीं भेज सकता।


इसके बाद बहन हजरत जैनब ने भाई इमाम हुसैन से हजरत औन और हजरत मोहम्मद को जंग में जाने की इजाजत की गुजारिश की। इसके बाद इमाम हुसैन ने इजाजत दे दी। मासूम बच्चों ने यजीदी फौज से डटकर मुकाबला किया। मगर, जंग में मासूम शहीद कर दिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed