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अलीगढ़ : किशोरी से दुष्कर्म में आरोपी मौसेरे भाई को दस साल कैद
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बन्नादेवी क्षेत्र में नाबालिग संग उसके मौसेरे भाई द्वारा दुष्कर्म की घटना में आरोपी को दस साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। खास बात यह है कि मुकदमे में सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए थे, मगर अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 शिवानी सिंह की अदालत से सुनाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक रघुवंश शर्मा के अनुसार, घटना 15 जुलाई 2017 की है। अकराबाद का परिवार बन्नादेवी क्षेत्र में रिश्तेदार के यहां किराये पर रहता था। आरोप है कि उसकी 13 साल की बेटी को मकान मालिक के बेटे ने कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया। इस मामले में मजिस्ट्रेट के समक्ष व मेडिकल परीक्षण में पुष्टि हुई। सत्र परीक्षण के दौरान मुकदमा दर्ज कराने वाले किशोरी के पिता, मां और भाई सभी अपनी गवाही से पक्षद्रोही हो गए। इतना ही नहीं पीड़ित ने भी न्यायालय में बयान दिया कि उसको लोहे की रॉड से चोट लग गई थी। इस पर न्यायालय ने डॉक्टर को तलब किया और पूछा कि क्या ये चोट रॉड की हो सकती है। इस पर डॉक्टर ने इसकी संभावना से साफ इंकार कर दिया। अदालत ने माना चूंकि आरोपी सगा मौसेरा भाई है। इसलिए ये गवाह पक्षद्रोही हुए हैं। अंत में कोर्ट ने इन सभी गवाहों को पक्षद्रोही करा दिया और 164 के तहत दर्ज कराए मजिस्ट्रेटी बयानों को आधार पर आरोपी को दोषी करार देकर दस साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा एडीजे पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 शिवानी सिंह की अदालत से सुनाई गई है।
दो मामलों में जमानत अर्जी खारिज
एडीजे 17 मनोज कुमार सिद्धू की अदालत से चोरी के आरोपी कुमैल जैदी की जमानत अर्जी खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल ने दी। वहीं एडीजे पॉक्सो प्रथम शिवानी सिंह की अदालत से किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी रवि की जमानत देहली गेट के मुकदमे में खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी रघुवंश शर्मा ने दी।
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विशेष लोक अभियोजक रघुवंश शर्मा के अनुसार, घटना 15 जुलाई 2017 की है। अकराबाद का परिवार बन्नादेवी क्षेत्र में रिश्तेदार के यहां किराये पर रहता था। आरोप है कि उसकी 13 साल की बेटी को मकान मालिक के बेटे ने कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया। इस मामले में मजिस्ट्रेट के समक्ष व मेडिकल परीक्षण में पुष्टि हुई। सत्र परीक्षण के दौरान मुकदमा दर्ज कराने वाले किशोरी के पिता, मां और भाई सभी अपनी गवाही से पक्षद्रोही हो गए। इतना ही नहीं पीड़ित ने भी न्यायालय में बयान दिया कि उसको लोहे की रॉड से चोट लग गई थी। इस पर न्यायालय ने डॉक्टर को तलब किया और पूछा कि क्या ये चोट रॉड की हो सकती है। इस पर डॉक्टर ने इसकी संभावना से साफ इंकार कर दिया। अदालत ने माना चूंकि आरोपी सगा मौसेरा भाई है। इसलिए ये गवाह पक्षद्रोही हुए हैं। अंत में कोर्ट ने इन सभी गवाहों को पक्षद्रोही करा दिया और 164 के तहत दर्ज कराए मजिस्ट्रेटी बयानों को आधार पर आरोपी को दोषी करार देकर दस साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा एडीजे पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 शिवानी सिंह की अदालत से सुनाई गई है।
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दो मामलों में जमानत अर्जी खारिज
एडीजे 17 मनोज कुमार सिद्धू की अदालत से चोरी के आरोपी कुमैल जैदी की जमानत अर्जी खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल ने दी। वहीं एडीजे पॉक्सो प्रथम शिवानी सिंह की अदालत से किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी रवि की जमानत देहली गेट के मुकदमे में खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी रघुवंश शर्मा ने दी।
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