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Cyber Crime: 12 बार में साफ की जिंदगी भर की कमाई, सरकारी कर्मचारी के खाते से कुछ देर में उड़ाए 10.85 लाख
Sat, 06 Jun 2026 03:27 PM IST
Chaman Kumar Sharma
दीपक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
दीपक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:27 PM IST
सार
साइबर ठगों ने जिला ग्रामोद्योग कार्यालय के प्रधान सहायक को निशाना बनाया।उनके बैंक ऑफ वडोदरा खाते से 10,85,981 रुपये निकाल लिए गए। यह ठगी 12 अलग-अलग लेनदेन के जरिए हुई। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कभी यूपीआई का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस और बैंक से न्याय की गुहार लगाई है।
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साइबर क्राइम।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
साइबर ठगों ने अब अलीगढ़ जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में तैनात एक सरकारी कर्मचारी को अपना निशाना बनाया है। ठगों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में सेंध लगाकर महज कुछ ही देर में 12 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 10,85,981 (दस लाख पचासी हजार नौ सौ इक्यासी रुपये) पार कर दिए। पीड़ित कर्मचारी ने इसे अपनी जिंदगी भर की कमाई बताते हुए पुलिस और बैंक से न्याय की गुहार लगाई है।
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शिकायतकर्ता संतोष कुमार शर्मा (उम्र 58 वर्ष), जो जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, अलीगढ़ में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं, सासनी गेट थाना क्षेत्र के जयगंज (श्रोती वाली गली) के मूल निवासी हैं। पिछले महीने 8 मई 2026 को किसी अज्ञात साइबर अपराधी ने उनके बैंक ऑफ बड़ौदा (मुख्य शाखा, मसूदाबाद) के बचत खाता से अवैध रूप से पैसों की निकासी शुरू कर दी। देखते ही देखते ठगों ने यूपीआई के जरिए 1,00,000, 96,611, 94,302 और 83,572 रुपए जैसी बड़ी राशियां कुल 12 बार में खाते से उड़ा लीं।
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पीड़ित संतोष कुमार शर्मा ने बैंक मैनेजर को दिए अपने लिखित शिकायती पत्र में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया, मेरे इस खाते पर मेरे द्वारा कभी भी किसी यूपीआई सेवा का प्रयोग नहीं किया जाता है और न ही मैंने बैंक से इस खाते पर कोई यूपीआई चालू करवा रखा है। इसके बावजूद ठगों ने यूपीआई फ्रॉड के जरिए उनके खाते को पूरी तरह खाली कर दिया। पीड़ित ने भावुक होते हुए पत्र में लिखा कि यह धनराशि उनकी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी थी।
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पुलिस और बैंक की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी होते ही पीड़ित ने तत्काल सक्रियता दिखाई। 8 मई को ही पीड़ित ने बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में लिखित आवेदन दिया, जिसके बाद बैंक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाते से लेनदेन पर रोक लगा दी और संबंधित यूपीआई को ब्लॉक कर दिया। पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल की हेल्पलाइन 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके जरिए पुलिस ने अन्य संबंधित खातों में फ्रॉड की रकम को होल्ड,रिवर्स करने की प्रक्रिया शुरू की। साइबर क्राइम पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ केस पंजीकृत कर लिया गया है।
साइबर थाना प्रभारी के निर्देश पर मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस उन ट्रांजैक्शन आईडी और संदिग्ध बैंक खातों को ट्रैक कर रही है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को भी इस संबंध में विभागीय स्तर पर अवगत करा दिया गया है।