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जिला पंचायत: सेंधमारी से छुआ जाएगा 17 का जादूई आंकड़ा, मथुरा में निर्दलीय निभाएंगे अहम भूमिका
Wed, 05 May 2021 12:28 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 05 May 2021 12:28 AM IST
सार
सोमवार रात तक बसपा के खाते में सिर्फ 12 ही जिला पंचायत सदस्यों की सीट थीं, लेकिन देर रात एक सीट और बढ़ गई। इस प्रकार से उसके पास कुल 13 जिला पंचायत सदस्य हो गए। जब भाजपा एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी सिर्फ आठ जिला पंचायत सदस्य ही जुटा सकी है। उधर, रालोद पर भी सिर्फ आठ ही जिला पंचायत सदस्य हैं।
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जिला पंचायत के वार्ड नौ से विजयी लक्ष्मण सिंह गुर्जर, वार्ड 11 से हेमराज सिंह एडवोकेट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा जिला पंचायत अध्यक्ष के ताज के लिए 17 अंक का जादूई आंकड़ा छूने के लिए बसपा-भाजपा-रालोद के दिग्गजों ने गुणा-भाग करना प्रारंभ कर दिया है। इस जादूई अंक को छूने के लिए तीनों दलों के दिग्गज सेंधमारी के गणित में उलझ गए हैं। बसपा ने 13 का अंक छूकर अपनी ताकत का अहसास करा दिया है तो भाजपा सत्ताधारी होने के नाते पूरी ताकत का प्रयोग करने में जुट गई। ऐसे में रालोद और निर्दलीय की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है।
सोमवार रात तक बसपा के खाते में सिर्फ 12 ही जिला पंचायत सदस्यों की सीट थीं, लेकिन देर रात एक सीट और बढ़ गई। इस प्रकार से उसके पास कुल 13 जिला पंचायत सदस्य हो गए। जब भाजपा एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी सिर्फ आठ जिला पंचायत सदस्य ही जुटा सकी है। उधर, रालोद पर भी सिर्फ आठ ही जिला पंचायत सदस्य हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल 33 सदस्यों में से 17 जिला पंचायत सदस्य होना अति आवश्यक है। जिस दल या सदस्य के साथ 17 जिला पंचायत सदस्य होंगे, वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठेगा। बसपा के पास 13 जिला पंचायत सदस्य होने के बाद भी 17 तक पहुंचना आसान नहीं है। उसे चार सदस्य और जुटाने होंगे। जबकि जिला पंचायत की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता इससे भी कठिन भाजपा और रालोद का होगा। उन्हें अपने 8 सदस्यों से कहीं अधिक 9 की संख्या बाहर से चाहिए होगी और ऐसे में केवल निर्दलीय ही नहीं दोनों दल अगर आपस में सामंजस्य नहीं बनाते तो बसपा और निर्दलीय में सेंधमारी करनी पड़ेगी।
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सोमवार रात तक बसपा के खाते में सिर्फ 12 ही जिला पंचायत सदस्यों की सीट थीं, लेकिन देर रात एक सीट और बढ़ गई। इस प्रकार से उसके पास कुल 13 जिला पंचायत सदस्य हो गए। जब भाजपा एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी सिर्फ आठ जिला पंचायत सदस्य ही जुटा सकी है। उधर, रालोद पर भी सिर्फ आठ ही जिला पंचायत सदस्य हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल 33 सदस्यों में से 17 जिला पंचायत सदस्य होना अति आवश्यक है। जिस दल या सदस्य के साथ 17 जिला पंचायत सदस्य होंगे, वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठेगा। बसपा के पास 13 जिला पंचायत सदस्य होने के बाद भी 17 तक पहुंचना आसान नहीं है। उसे चार सदस्य और जुटाने होंगे। जबकि जिला पंचायत की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता इससे भी कठिन भाजपा और रालोद का होगा। उन्हें अपने 8 सदस्यों से कहीं अधिक 9 की संख्या बाहर से चाहिए होगी और ऐसे में केवल निर्दलीय ही नहीं दोनों दल अगर आपस में सामंजस्य नहीं बनाते तो बसपा और निर्दलीय में सेंधमारी करनी पड़ेगी।
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दो दल मिलकर बना सकते हैं जिला पंचायत की सरकार
जिला पंचायत की सरकार बनाने के लिए बसपा, भाजपा व रालोद के दिग्गज इस विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं कि दो दलों द्वारा मिलकर जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा कर लिया जाए। जबकि माना जा रहा है कि बसपा किसी भी कीमत पर भाजपा से समझौता नहीं करेगी। जबकि भाजपा सत्ता की लाज बचाने के लिए किसी भी गणित का प्रयोग कर लेगी। वहीं रालोद, बसपा और भाजपा किसी के साथ मिलकर सत्ता तक पहुंचने का जुगाड़ कर सकती है।
हमें सिर्फ चार सदस्य चाहिए: हेमेंद्र
हमें सिर्फ चार सदस्यों की और आवश्यकता है और हम चार सदस्य हर हाल में जुटा लेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा का ही होगा। - हेमेंद्र कुमार, बसपा जिलाध्यक्ष
भाजपा का होगा जिला पंचायत अध्यक्ष: मधु
हमारे पास आठ सदस्य हैं और हम अच्छी तरह जानते हैं कि इसके लिए 17 सदस्यों का होना बहुत जरूरी है। हम यह कर लेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही होगा। - मधु शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
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जिला पंचायत की सरकार बनाने के लिए बसपा, भाजपा व रालोद के दिग्गज इस विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं कि दो दलों द्वारा मिलकर जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा कर लिया जाए। जबकि माना जा रहा है कि बसपा किसी भी कीमत पर भाजपा से समझौता नहीं करेगी। जबकि भाजपा सत्ता की लाज बचाने के लिए किसी भी गणित का प्रयोग कर लेगी। वहीं रालोद, बसपा और भाजपा किसी के साथ मिलकर सत्ता तक पहुंचने का जुगाड़ कर सकती है।
हमें सिर्फ चार सदस्य चाहिए: हेमेंद्र
हमें सिर्फ चार सदस्यों की और आवश्यकता है और हम चार सदस्य हर हाल में जुटा लेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा का ही होगा। - हेमेंद्र कुमार, बसपा जिलाध्यक्ष
भाजपा का होगा जिला पंचायत अध्यक्ष: मधु
हमारे पास आठ सदस्य हैं और हम अच्छी तरह जानते हैं कि इसके लिए 17 सदस्यों का होना बहुत जरूरी है। हम यह कर लेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही होगा। - मधु शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
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