लोन का झांसा देकर धोखाधड़ी: आगरा में फाइनेंस कंपनी से डाटा चोरी करने वाला गिरफ्तार
साइबर अपराधियों ने पीएसी जवान सहित दो लोगों को ठगी का शिकार बनाया था। पीड़ितों ने थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराया। जब पुलिस ने जांच की तो फाइनेंस कंपनी के पूर्व कर्मचारी का नाम सामने आया है।
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आगरा में साइबर अपराधियों ने एक फाइनेंस कंपनी से लोन दिलाने का झांसा देकर अपने खाते में रकम जमा करा ली। पीड़ितों ने कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की। थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने गुरुवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फाइनेंस कंपनी का पूर्व कर्मचारी निकला। उसने फाइनेंस कंपनी से डाटा चोरी किया था। पुलिस को आशंका है कि यह डाटा साइबर अपराधियों को बेचा गया है।
साइबर अपराधियों ने पीएसी के जवान मनोज कुमार के साथ धोखाधड़ी की थी। वह मथुरा के थाना राया स्थित गांव खोजिया के रहने वाले हैं। 43वीं वाहिनी पीएसी कैंट, कुबेरपुर, आगरा में तैनात हैं। 22 अक्तूबर, 2020 को उनके पास एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने कहा था कि आपका एक लाख रुपये का लोन मंजूर हो गया है।
इसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से पेन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कापी मांग ली। उनसे प्रोसेसिंग फीस, सत्यापन आदि के नाम पर कुल 14105 रुपये हड़प लिए। उन्हें कंपनी की फर्जी वेबसाइट पर फर्जी डाटा दिखाकर विश्वास दिलाया गया।
नौ मार्च को इन्हें बनाया ठगी का शिकार
नौ मार्च को बाग मुजफ्फर खां निवासी अरुण कुमार से दो लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर 21,799 रुपये जमा करा लिए गए। पीड़ितों ने बजाज फाइनेंस कंपनी के आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर चार स्थित कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। रिस्क मैनेजर करन कुमार गुप्ता की एसएसपी से शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया था कि उनके क्षेत्र में आगरा के साथ अलीगढ़, बुलंदशहर, झांसी सहित आदि जिले आते हैं। पिछले दिनों उनके पास कई ग्राहकों ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि उनकी कंपनी का डाटा चोरी किया जा रहा है। मामले में थाना जगदीशपुरा में छह अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया गया था।
आवास विकास कॉलोनी की सेक्टर चार चौकी के प्रभारी एसआई चंद्रवीर सिंह ने बताया कि पुलिस की विवेचना में कुलदीप सोनी का नाम सामने आया था। वह वर्ष 2019 में बजाज फाइनेंस कंपनी में काम करता था। वह अपने मोबाइल में कंपनी का डाटा चोरी करके ले गया था। उसके मोबाइल में डाटा मिल गया। इस आधार पर उसे केस में आरोपी बनाया गया है। आशंका है कि उसने डाटा चोरी करने के बाद साइबर अपराधियों को दिया है। अभी विवेचना की जा रही है।
झारखंड से आए थे कॉल
लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से अपने खातों में रकम जमा कराने वालों के बारे में पुलिस पता कर रही है। कॉल जिस नंबर से की गई थी, पुलिस ने उसकी आईडी निकलवाई। इसमें पता चला कि झारखंड से कॉल आया था। आईडी फर्जी थी। पुलिस अब साइबर अपराधियों की तलाश में जुटी है।