योगीराज में सत्ताधारियों और अधिकारियों में ज्यादा ठनी, ब्रज में बढ़ा टकराव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही भाजपा नेताओं को बार-बार समझा रहे हों कि वे पुलिस से न उलझें, कोई बात हो तो शासन में बताएं, लेकिन नेता हैं कि
बाज नहीं आ रहे। ब्रज की बात करें तो यहां सत्ताधारी नेताओं का पुलिस पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आगरा से पहले फिरोजाबाद और मथुरा में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। साफ लग रहा है कि नेता पुलिस में ज्यादा दखल चाह रहे हैं।
आगरा में फतेहपुरसीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल ने चार महीने पहले तक तत्कालीन डीएम गौरव दयाल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। एसडीएम सदर रहीं श्यामलता और एसडीएम किरावली रहे उनके पति अरुण कुमार के खिलाफ भी बाबूलाल ने बयानबाजी की।
यह अलग बात है कि तीनों अधिकारी इन पदों पर लंबा समय बिताने के बाद स्थानांतरित किए गए। इससे पहले फतेहपुरसीकरी और सदर थाना में तो भाजपाइयों का पुलिस से सीधे झगड़ा ही हो गया था। सीकरी में भाजपाइयों ने तत्कालीन सीओ को थप्पड़ जड़ दिया था। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की तो भाजपा नेता भड़क गए। विधायकों ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य और दिनेश चंद शर्मा से शिकायत की।
नतीजा यह हुआ कि तत्कालीन एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को आगरा से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया। थोड़े दिन बाद उन्हें एसएसपी मुरादाबाद बनाया गया। वर्तमान में वह डीआईजी अलीगढ़ रेंज हैं।
खाकी और खादी में टकराव
फिरोजाबाद में जसराना के भाजपा विधायक रामगोपाल पप्पू लोधी ने सीओ जसराना प्रेम प्रकाश यादव पर आरोप लगाया है कि वह उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। सपा मानसिकता के हैं। फिरोजाबाद के एसएसपी ने इन आरोपों की जांच एसपी देहात को दी है।
मथुरा में बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश ने बलदेव थाना के प्रभारी अरविंद पाल के खिलाफ धरना तक दिया। एसएसपी ने अरविंद को बलदेव थाना से हटा दिया। यह अलग बात है कि उन्हें और बड़े थाने का चार्ज दे दिया।