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क्या आगरा बनेगा अग्रवन, योगी सरकार ने मांगी जानकारी, विश्वविद्यालय कर रहा अध्ययन

Tue, 19 Nov 2019 12:47 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 19 Nov 2019 12:47 PM IST
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Yogi Adityanath government is planning to rename Agra
ताजमहल - फोटो : Self
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जानकारी मांगी है कि क्या आगरा का नाम पूर्व में अग्रवन था? इस पर शोध करने के लिए डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने एक समिति का गठन किया है। इसके साथ आगरा का नाम बदले जाने की अटकलें भी शुरू हो गई हैं। 
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शासन ने इस पर डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित से जानकारी देने के लिए कहा। कुलपति ने वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. सुगम आनंद को इसकी जिम्मेदारी दे दी। आनंद ने इतिहास के पन्ने पलटे, अन्य इतिहासकारों की राय ली। 
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डॉ. सुगम आनंद ने बताया कि यह जानकारी मांगी गई है कि क्या आगरा का नाम पूर्व में अग्रवन था?  इसके अब तक साक्ष्य नहीं मिले हैं। अध्ययन किया जा रहा है। इस मुद्दे पर अमर उजाला ने उनसे बात की। 
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अकबर ने बदला था नाम

सवाल : यह दावा कई बार किया चुका है कि आगरा का नाम पहले अग्रवन था। बाद में इसे आगरा किया गया? आपका अध्ययन क्या कहता है? क्या इतिहास के पन्नों में इसका कोई साक्ष्य मिला?
जवाब : अगर साक्ष्य मिला होता तो शासन को रिपोर्ट भेज दी गई होती। काफी अध्ययन किया गया है। कई इतिहासकारों की राय जा चुकी है। लेकिन कहीं भी इसका जिक्र तक नहीं है कि आगरा पहले अग्रवन था या अग्रवन का नाम बदलकर आगरा रखा गया। अगर किसी के पास इसका साक्ष्य है, तो वह उपलब्ध करा सकता है। उसका परीक्षण कर लिया जाएगा।

सवाल : क्या इतिहास से यह पता चलता है कि आगरा नाम कैसे आया? इस क्षेत्र का यह नाम कब रखा गया?
जवाब : इसका भी इतिहास में कोई उल्लेख नहीं मिला है। इस पर भी खोज की जा रही है। कहानी, किस्से, मान्यताएं, किवदंतियां हैं, लेकिन साक्ष्य नहीं। ये सभी अपनी जगह हैं लेकिन इतिहास साक्ष्यों पर चलता है।

सुगम आनंद का कहना है कि मुगल बादशाह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर ने आगरा का नाम बदला था। उन्होंने आगरा की जगह इसका नाम अकबराबाद कर दिया था। अकबर का इंतकाल होते ही फिर से लोग इस शहर को आगरा कहने लगे। 

जगन गर्ग ने की थी नाम बदलने की मांग

दिवंगत भाजपा विधायक जगन गर्ग ने सरकार से यह मांग की थी कि आगरा का नाम अग्रवन कर दिया जाए। इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका। जगन गर्ग पांच बार विधायक रहे थे। वो पार्टी की बैठक में भी यह मांग करते थे कि आगरा का नाम अग्रवन किया जाए। भाजपा के अन्य विधायकों का उन्हें साथ नहीं मिला।

डीएम ने कहा, प्रशासन के पास अग्रवन की जानकारी नहीं

डीएम एनजी रवि कुमार का कहना है कि आगरा का नाम पहले अग्रवन था या नहीं? इस पर शासन ने प्रशासन से कोई जानकारी नहीं मांगी है। हां, विधायक रहे जगन गर्ग के पत्र पर प्रशासन ने पूछा था कि आगरा का नाम पूर्व में अग्रवन था या नहीं? इस पर जवाब दिया गया था कि प्रशासन केपास इसकी कोई जानकारी नहीं है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और ऐतिहासिक मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय कर दिया गया था। अब आगरा के प्राचीन नाम को लेकर जानकारी मांगी गई है। 
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