{"_id":"5fe5fc508ebc3e3db72e1029","slug":"year-ender-2020-no-class-in-dr-bhimrao-ambedkar-university-agra-due-to-corona-virus","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Year Ender 2020: कोरोना ने सूना रखा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का कैंपस, नहीं हुआ दीक्षांत समारोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Year Ender 2020: कोरोना ने सूना रखा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का कैंपस, नहीं हुआ दीक्षांत समारोह
Sat, 26 Dec 2020 12:11 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 26 Dec 2020 12:11 AM IST
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के लिए वर्ष 2020 कुछ खास नहीं रहा। कोरोना संक्रमण के चलते कैंपस सूने रहे और कक्षाएं नहीं चलीं। विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी नहीं हो पाया। वहीं इस वर्ष उपलब्धियां हिस्से कम आईं और विश्वविद्यालय की छवि खराब करने वाली घटनाएं कई सामने आईं। छात्रों को समय पर डिग्री व अंकपत्र दिए जाने की व्यवस्था नहीं बन पाई।
कुछ प्रयोग किए गए पर उम्मीद के अनुरूप उनका परिणाम नहीं आया। लिहाजा छात्र-छात्राओं को डिग्री और अंकपत्र के लिए अभी भी परेशान होना पड़ रहा है। बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों को यह नहीं बताया जा रहा है कि उनकी समस्या का समाधान कब तक हो पाएगा।
Year Ender 2020: वर्ष 2020 में आपराधिक घटनाओं से दहला आगरा, हर चौथे दिन हुई एक हत्या
विज्ञापन
लॉकडाउन समाप्त होने के बाद विवि खुला तो छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावकों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। हेल्प डेस्क से ही समस्याओं के निस्तारण की योजना बनाई गई। हेल्प डेस्क के माध्यम से काम न होने पर छात्र-छात्राओं ने विरोध शुरू किया। इसके बाद उन्हें अधिकारियों के पास जाने की अनुमति दी गई।
विज्ञापन
कुछ प्रयोग किए गए पर उम्मीद के अनुरूप उनका परिणाम नहीं आया। लिहाजा छात्र-छात्राओं को डिग्री और अंकपत्र के लिए अभी भी परेशान होना पड़ रहा है। बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों को यह नहीं बताया जा रहा है कि उनकी समस्या का समाधान कब तक हो पाएगा।
विज्ञापन
Year Ender 2020: वर्ष 2020 में आपराधिक घटनाओं से दहला आगरा, हर चौथे दिन हुई एक हत्या
विज्ञापन
लॉकडाउन समाप्त होने के बाद विवि खुला तो छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावकों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। हेल्प डेस्क से ही समस्याओं के निस्तारण की योजना बनाई गई। हेल्प डेस्क के माध्यम से काम न होने पर छात्र-छात्राओं ने विरोध शुरू किया। इसके बाद उन्हें अधिकारियों के पास जाने की अनुमति दी गई।
इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय की साख और खराब की
मुख्य परीक्षा के दौरान लॉकडाउन से पहले टूंडला स्थित सहायता प्राप्त कॉलेज (बीरी सिंह) से प्रश्नपत्र आउट किए जाने का मामला पकड़ा गया। परीक्षाएं निरस्त करनी पड़ीं। मुख्य परीक्षा समाप्त होने के तीन दिन बाद एनडी कॉलेज में परीक्षा होते हुई पकड़ी गई। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इतिहास विभाग में संविदा पर कार्यरत क्लर्क ने छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या में अंकतालिकाएं बिना किसी अनुमति के जला दीं। मुख्य परीक्षा का परिणाम समय से नहीं दे पाए।
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के सारे परिणाम 31 अक्तूबर तक जारी किए जाने थे, अभी विद्यार्थी परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं। परिणाम समय से न आने से नया सत्र भी प्रभावित हो रहा है।
ये रहीं उपलब्धियां
ऑनलाइन वेबिनार 50 से अधिक
प्रदेश सरकार की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बनाए गए पोर्टल पर पाठ्यक्रम सामग्री अपलोड करने में विवि प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।
केंद्रीय पुस्तकालय में छात्र-छात्राओं को देश और दुनिया भर के समाचारपत्र व पत्रिकाएं पढ़ने की सुविधा दी गई।
पढ़े आगरा, बढ़े आगरा - अभियान का 12 महीने सफल आयोजन किया गया।
मुख्य परीक्षा के दौरान लॉकडाउन से पहले टूंडला स्थित सहायता प्राप्त कॉलेज (बीरी सिंह) से प्रश्नपत्र आउट किए जाने का मामला पकड़ा गया। परीक्षाएं निरस्त करनी पड़ीं। मुख्य परीक्षा समाप्त होने के तीन दिन बाद एनडी कॉलेज में परीक्षा होते हुई पकड़ी गई। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इतिहास विभाग में संविदा पर कार्यरत क्लर्क ने छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या में अंकतालिकाएं बिना किसी अनुमति के जला दीं। मुख्य परीक्षा का परिणाम समय से नहीं दे पाए।
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के सारे परिणाम 31 अक्तूबर तक जारी किए जाने थे, अभी विद्यार्थी परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं। परिणाम समय से न आने से नया सत्र भी प्रभावित हो रहा है।
ये रहीं उपलब्धियां
ऑनलाइन वेबिनार 50 से अधिक
प्रदेश सरकार की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बनाए गए पोर्टल पर पाठ्यक्रम सामग्री अपलोड करने में विवि प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।
केंद्रीय पुस्तकालय में छात्र-छात्राओं को देश और दुनिया भर के समाचारपत्र व पत्रिकाएं पढ़ने की सुविधा दी गई।
पढ़े आगरा, बढ़े आगरा - अभियान का 12 महीने सफल आयोजन किया गया।
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि इस वर्ष 2012-13 की बीएड की डिग्री के तमाम मामले निपटाए गए। प्रतिदिन डिग्री डिस्पैच की जा रही है। डिग्री के लंबित प्रकरणों का निस्तारण इस वर्ष उम्मीद के अनुरूप नहीं हो पाया है। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। अगले वर्ष संस्कृति भवन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू हो जाएगा। जो नए भवन बने हैं, उन्हें उपयोग में लाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
नए पाठ्यक्रमों में रुझान नहीं
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 से संचालन के 29 नए पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन मांगे। छात्रों ने संबंधित पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने में रुचि नहीं दिखाई। चालू सत्र में पांच-छह पाठ्यक्रमों में ही पढ़ाई कराई जाएगी। इनमें भी सीटों के अनुरूप छात्र संख्या कम है।
नए पाठ्यक्रमों में रुझान नहीं
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 से संचालन के 29 नए पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन मांगे। छात्रों ने संबंधित पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने में रुचि नहीं दिखाई। चालू सत्र में पांच-छह पाठ्यक्रमों में ही पढ़ाई कराई जाएगी। इनमें भी सीटों के अनुरूप छात्र संख्या कम है।