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Agra News: चित्राहाट में ढहा यमुना का टीला, दबकर खेतिहर मजदूर की मौत
Sun, 23 Aug 2026 02:14 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 23 Aug 2026 02:14 AM IST
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बाह: यमुना का टीला ढहने से हादसा: मृतक संतोष
बाह। चित्राहाट के प्रेमनगर (खिलावली) गांव में शनिवार सुबह 10 बजे घर के पास पशुओं के बाड़े की सफाई करते समय यमुना का टीला ढह गया। मलबे में दबकर खेतिहर मजदूर संतोष (48) की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बेसुध हुई मृतक की पत्नी उमा देवी ने बताया कि बेटी की शादी के लिए रिश्ता देख रहे थे। अब उसके हाथ कैसे पीले होंगे।
प्रेमनगर के संतोष खेतों में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। वह शनिवार को घर के पास पशुओं को चारा खिलाने के बाद सफाई कर रहे थे। परिजन ने पुलिस को बताया कि सफाई करते समय तेज आवाज के साथ अचानक यमुना का टीला ढह गया। मलबे में संतोष दब गए। चीख पुकार मचने पर गांव के लोग दौड़ पड़े। मलबे को हटा कर संतोष को बाहर निकाला। बेहोशी की हालत में इलाज के लिए जैतपुर सीएचसी ले पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
संतोष की मौत से परिवार में मातम पसर गया है। वह अपने पिता श्रीराम के इकलौता बेटे थे। मौत से उनकी बुढ़ापे का सहारा छिन गया है। संतोष अपने पीछे पत्नी उमा देवी, बेटियों महादेवी (18), रोशनी (16), बेटे सत्यवान (14), पंकज (12) को छोड़ा है। पति का शव देख बेसुध हुई उमा देवी ने बताया कि परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। बेटियों के हाथ पीले कैसे होंगे? बेटों को किसके सहारे पालेगी? ढांढ़स बंधाने वाले भी परिवार की हालत देख कर अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
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प्रेमनगर के संतोष खेतों में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। वह शनिवार को घर के पास पशुओं को चारा खिलाने के बाद सफाई कर रहे थे। परिजन ने पुलिस को बताया कि सफाई करते समय तेज आवाज के साथ अचानक यमुना का टीला ढह गया। मलबे में संतोष दब गए। चीख पुकार मचने पर गांव के लोग दौड़ पड़े। मलबे को हटा कर संतोष को बाहर निकाला। बेहोशी की हालत में इलाज के लिए जैतपुर सीएचसी ले पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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संतोष की मौत से परिवार में मातम पसर गया है। वह अपने पिता श्रीराम के इकलौता बेटे थे। मौत से उनकी बुढ़ापे का सहारा छिन गया है। संतोष अपने पीछे पत्नी उमा देवी, बेटियों महादेवी (18), रोशनी (16), बेटे सत्यवान (14), पंकज (12) को छोड़ा है। पति का शव देख बेसुध हुई उमा देवी ने बताया कि परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। बेटियों के हाथ पीले कैसे होंगे? बेटों को किसके सहारे पालेगी? ढांढ़स बंधाने वाले भी परिवार की हालत देख कर अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
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