{"_id":"64b63d8d8108bd6ea20005a8","slug":"yamuna-flood-water-reached-bateshwar-ghat-or-broken-temples-such-scene-seen-after-13-years-shiv-temple-bah-2023-07-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Flood in Agra: बटेश्वर के घाट और टूटे मंदिरों तक पहुंचा यमुना का उफान, 13 साल बाद दिखा ऐसा मंजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Flood in Agra: बटेश्वर के घाट और टूटे मंदिरों तक पहुंचा यमुना का उफान, 13 साल बाद दिखा ऐसा मंजर
Tue, 18 Jul 2023 12:51 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 18 Jul 2023 12:51 PM IST
सार
Flood: उफान लेती यमुना का पानी सोमवार को टूटे हुए घाटों एवं क्षतिग्रस्त मंदिरों के अवशेषों से होकर बहने लगा है। निचले इलाके के बिहारी जी मंदिर के घाट की सभी सीढ़ियां डूब गई हैं। बटेश्वर के अलावा कचौराघाट के शिव मंदिर की दहलीज पर एक सीढ़ी बची थी, वह भी डूब गई।
विज्ञापन
बटेश्वर शिव मंदिर को छूकर गुजरती यमुना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में यमुना नदी के उफान से बटेश्वर की शिव मंदिर शृंखला पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 1978, 1995, 2010 में आई बाढ़ में बटेश्वर में बने कई मंदिर और घाट यमुना की गोद में समा गए या क्षतिग्रस्त हो गए। 101 शिव मंदिरों में से सिर्फ 44 मंदिर बचे हैं। उफान लेती यमुना का पानी सोमवार को टूटे हुए घाटों एवं क्षतिग्रस्त मंदिरों के अवशेषों से होकर बहने लगा है। निचले इलाके के बिहारी जी मंदिर के घाट की सभी सीढ़ियां डूब गई हैं। बटेश्वर के अलावा कचौराघाट के शिव मंदिर की दहलीज पर एक सीढ़ी बची थी, सोमवार को वह भी डूब गई। बाह के एसडीएम कृष्णनंद तिवारी ने मंदिर और यमुना के आसपास न जाने की हिदायत दी।
विज्ञापन
जलस्तर नापने का निशान भी डूबा
बाह में यमुना के जलस्तर के मापन का एकमात्र निशान बटेश्वर में है। सोमवार को यह निशान यमुना के उफान में डूब गया। यहां पर 80 फीट तक का निशान बना था। बटेश्वर के नरेंद्र चन्द्रवंशी ने बताया कि 2010 में भी यह निशान डूब गया था।ये भी पढ़ें - Flood In Agra: ताजमहल के दशहरा घाट और मेहताब बाग पर पानी ऊपर तक आया, यमुना का रौद्र रूप देख घबराए लोग
विज्ञापन
विज्ञापन
टूटे घाट और मंदिरों से होकर बह रहा पानी, बिहारी जी मंदिर का घाट डूबा
- फोटो : अमर उजाला
बीहड़ के रास्तों में भरा पानी, डूबी फसलें
यमुना में उफान से तलहटी के गांवों में फसलें डूब गई हैं। बीहड़ के रास्तों पर पानी भर गया है। बुढैरा, भौंर, स्याइच, बटेश्वर, कलियानपुर, भरतार, बड़वाया, कोट का पुरा, सिधावली, सुंसार, विक्रमपुर घाट, कछार, चौरंगाबीहड़, कमतरी, कछपुरा, खिलावली, पई, नौगवां, चरीथा, पूठा, गढ़ी बरौली, पुरा चतुुुर्भुज, नगला सुरई, कचौराघाट, फकीरे की मढै़या, पारना आदि गांवों में अधिक समस्या है। विक्रमपुर के गुल्ल का पुरा क्षेत्र में पशुओं के लिए बनाई गईं झोपड़ियों तक उफान का पानी पहुंच गया है। विक्रमपुर घाट, बड़वाया, चरीथा, पई, खिलावली, चौरंगाबीहड़, सुंसार आदि गांवों के बीहड़ी रास्तों पर पानी भर गया है।ये भी पढ़ें - कौन थे रंगा-बिल्ला: 1978 में जब आगरा में आई थी बाढ़, दोनों को स्टीमर से लाई थी दिल्ली पुलिस
एसडीएम ने किया दौरा
एत्मादपुर के गांव रहनकला, गदपुरा, शीशियां, सुरेरा, छोटा सुरेरा में किसान ओमवीर सिंह, आशाराम, विजय सिंह, रामकिशन की फसलें डूब गई हैं। सुरेरा व सिसिया गांव की सड़कें कट गई हैं। एसडीएम रतन वर्मा एसीपी सौरव सिंह ने गांवों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम फतेहाबाद विजय शर्मा ने सोमवार को ईधौन, मेवली कला का दौरा किया।ये भी पढ़ें - Firozabad: पुलिस के सामने महिला ने खाया जहर, हॉस्पीटल में भर्ती होने पर डॉक्टर ने खोला राज