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यमुना पर तीसरे पुल का निर्माण हुआ शुरू
यमुना पर तीसरे पुल का निर्माण हुआ शुरू
Updated Sat, 15 Oct 2016 12:48 AM IST
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यमुना पर तीसरे पुल का निर्माण हुआ शुरू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वाटर वर्क्स पर यमुना पर नए पुल का काम शुरू हो गया है। नदी की तलहटी में समतलीकरण का काम चल रहा है। इसके बाद काम की गति तेज हो जाएगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से बनवाए जा रहे इस पुल का काम ढाई साल में पूरा होगा। अधिकारियों ने बताया कि पुल निर्माण का कार्य दशहरा के बाद से शुरू किया गया है। आगरा फीरोजाबाद हाईवे के सिक्स लेन होने के कारण वाहन सीधे कानपुर की ओर निकल जाएंगे।
बता दें, मार्च में जवाहर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। एनएचएआई ने दो माह में पुल की मरम्मत कराई थी। एटा-फीरोजाबाद की ओर से आना वाला ट्रैफिक जवाहर पुल से होकर ही गुजरता है। पुल पर वाहनों के दबाव को देखते हुए एनएचएआई ने यमुना में तीसरे पुल की जरूरत बताई थी। तभी से तीसरे पुल के लिए मिट्टी के परीक्षण का काम शुरू हो गया था। दशहरा पर इसका शुभारंभ एनएचएआई के अधिकारियों ने किया। तीसरा पुल वाटर वर्क्स चौराहे पर स्थित दोनों पुलों के मध्य में बनाया जा रहा है। नया पुल साढ़े आठ-साढ़े आठ मीटर यानी 17 मीटर चौड़ा होगा। इसकी लंबाई दोनों पुलों के बराबर होगी। इस पुल के निर्माण से दिल्ली की ओर से कानपुर जाने वाले वाहन सीधे निकल सकेंगे। इसके साथ ही कमजोर हो चले जवाहर पुल पर भी वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। नया पुल आगरा से इटावा तक होने वाले सिक्स लेन प्रोजेक्ट को भी गति देगा। सिक्स लेन के बाद हाईवे पर वाहनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। सिकंदरा पर अंडर पाथ इसके बाद खंदारी, सुल्तानगंज की पुलिया और वाटर वर्क्स के फ्लाईओवर को पार करके वाहन सीधे नये पुल पर उतरेंगे। एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक एसबी सिंह ने बताया कि यमुना पर तीसरे पुल का काम शुरू हो चुका है। पुल के निर्माण में दो से ढाई साल का समय लगेगा।
फ्लाईओवरों के लिए आईं 350 टन वजनी दो क्रेन
आगरा। सुल्तानगंज फ्लाईओवर पर एप्रोच रोड के काम के लिए फरीदाबाद से 350 टन वजनी दो क्रेन शुक्रवार को खंदारी चौराहे पर पहुंच गईं। दोनों क्रेनों की मदद से खंदारी फ्लाईओवर पर काम किया गया। अब इन क्रेनों को सुल्तानगंज की पुलिया पर लाया जाएगा। सुल्तानगंज की पुलिया पर गार्डरों के पहुंचने का सिलसिला भी शनिवार से शुरू हो जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि गार्डर शिफ्ंिटग के दौरान फ्लाईओवर की छत का निचला हिस्सा आवागमन के लिए बंद किया जा सकता है। किसी तरह के खतरे के अंदेशे को देखते हुए एहतियातन इस रास्ते को बंद करना पड़ सकता है।
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बता दें, मार्च में जवाहर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। एनएचएआई ने दो माह में पुल की मरम्मत कराई थी। एटा-फीरोजाबाद की ओर से आना वाला ट्रैफिक जवाहर पुल से होकर ही गुजरता है। पुल पर वाहनों के दबाव को देखते हुए एनएचएआई ने यमुना में तीसरे पुल की जरूरत बताई थी। तभी से तीसरे पुल के लिए मिट्टी के परीक्षण का काम शुरू हो गया था। दशहरा पर इसका शुभारंभ एनएचएआई के अधिकारियों ने किया। तीसरा पुल वाटर वर्क्स चौराहे पर स्थित दोनों पुलों के मध्य में बनाया जा रहा है। नया पुल साढ़े आठ-साढ़े आठ मीटर यानी 17 मीटर चौड़ा होगा। इसकी लंबाई दोनों पुलों के बराबर होगी। इस पुल के निर्माण से दिल्ली की ओर से कानपुर जाने वाले वाहन सीधे निकल सकेंगे। इसके साथ ही कमजोर हो चले जवाहर पुल पर भी वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। नया पुल आगरा से इटावा तक होने वाले सिक्स लेन प्रोजेक्ट को भी गति देगा। सिक्स लेन के बाद हाईवे पर वाहनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। सिकंदरा पर अंडर पाथ इसके बाद खंदारी, सुल्तानगंज की पुलिया और वाटर वर्क्स के फ्लाईओवर को पार करके वाहन सीधे नये पुल पर उतरेंगे। एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक एसबी सिंह ने बताया कि यमुना पर तीसरे पुल का काम शुरू हो चुका है। पुल के निर्माण में दो से ढाई साल का समय लगेगा।
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फ्लाईओवरों के लिए आईं 350 टन वजनी दो क्रेन
आगरा। सुल्तानगंज फ्लाईओवर पर एप्रोच रोड के काम के लिए फरीदाबाद से 350 टन वजनी दो क्रेन शुक्रवार को खंदारी चौराहे पर पहुंच गईं। दोनों क्रेनों की मदद से खंदारी फ्लाईओवर पर काम किया गया। अब इन क्रेनों को सुल्तानगंज की पुलिया पर लाया जाएगा। सुल्तानगंज की पुलिया पर गार्डरों के पहुंचने का सिलसिला भी शनिवार से शुरू हो जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि गार्डर शिफ्ंिटग के दौरान फ्लाईओवर की छत का निचला हिस्सा आवागमन के लिए बंद किया जा सकता है। किसी तरह के खतरे के अंदेशे को देखते हुए एहतियातन इस रास्ते को बंद करना पड़ सकता है।
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