विश्व हेपेटाइटिस दिवस: ये दिखें लक्षण तो डॉक्टर को दिखाएं, इलाज में देरी से जान का खतरा
आगरा में हर महीने 10 से 12 लोगों में हेपेटाइटिस की बीमारी मिल रही है। ये लोग रक्तदान करने पहुंचे थे, जांच में हेपेटाइटिस मिला।
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में हर महीने रक्तदान करने पहुंच रहे लोगों में से 10 से 12 में हेपेटाइटिस की बीमारी मिल रही है। रक्तदान से पहले जांच कराने पर बीमारी पकड़ में आ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि हेपेटाइटिस के लक्षणों को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि बीते 10 महीने में 4,494 लोगों ने रक्तदान किया। इनमें जांच कराने पर 82 लोगों में हेपेटाइटिस मिला। इनमें भी हेपेटाइटिस बी के सबसे ज्यादा मरीज रहे। इनकी संख्या 72 रही।
हेपेटाइटिस सी के 10 मरीज मिले। जब इनको फोन कर बीमारी की जानकारी दी तो उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्हें पता नहीं था। कमजोरी और थकान होती थी लेकिन इसे नजरअंदाज करते रहे। रक्तदान करने जाने का यह लाभ हुआ कि बीमारी का समय से पता चल गया, और इलाज हो सका।
एसएन के फिजीशियन प्रभात अग्रवाल ने बताया कि वायरल इन्फेक्शन से लिवर में सूजन आ जाती है। हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई होता है। इनमें टाइप बी और सी खतरनाक है, इससे क्रॉनिक बीमारी और लिवर सिरोसिस, कैंसर भी होने का खतरा रहता है। इलाज मेें देरी पर मरीज की मौत भी हो रही है।
हेपेटाइटिस ए और ई: यह दूषित भोजन खाने और दूषित पानी से होता है।
हेपेटाइटिस बी: संक्रमित रक्त-फ्लूड चढ़ने और संक्रमित से यौन संबंध बनाने पर।
हेपेटाइटिस सी: यह संक्रमित रक्त चढ़ाने और संक्रमित इंजेक्शन लगाने से होता है।
हेपेटाइटिस डी: यह हेपेटाइटिस डी वायरस से होता है।
लिवर खराब होने के कारण
- दूषित भोजन और पानी का अधिक समय तक सेवन से लिवर खराब होता है।
- अत्यधिक शराब पीने से भी लिवर प्रभावित होता है।
- दवाओं की हैवी डोज के रिएक्शन से लिवर प्रभावित होता है।
ये दिखें लक्षण तो डॉक्टर को दिखाएं
- त्वचा और आंखों का पीला पड़ जाना।
- थकान होना, कमजोरी महसूस करना।
- उल्टी-पेट में दर्द और सूजन होना।
- भूख कम लगना, वजन घटना।
- पेशाब का रंग गहरा हो जाना।