{"_id":"5d903a348ebc3e017941f2d8","slug":"world-heart-day-2019-tips-for-healthy-heart","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"World Heart Day: इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज, क्योंकि यह आपके दिल का मामला है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
World Heart Day: इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज, क्योंकि यह आपके दिल का मामला है
Sun, 29 Sep 2019 12:12 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 29 Sep 2019 12:12 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
सीढ़ी चढ़ी तो सांस फूलने लगी, पसीना आने लगा और धड़कन तेज हो गई। बार-बार ऐसा हो रहा है तो आपके दिल की हालत सही नहीं है। यह दिल का मामला है, इसे भूलकर भी नजरअंदाज न करें। दिल को सेहतमंद रखना है तो खानपान सुधारने के साथ रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें। विशेषज्ञों के पास आने वाले मरीजों को इलाज के साथ यह सलाह दी जा रही है।
इंडियन कॉर्डियोलॉजी एसोसिएशन की आगरा शाखा की स्टडी में 65 फीसदी मरीजों में आठ से दस फीसदी के हृदय की कार्य क्षमता 45-55 प्रतिशत पाई गई। यह सामान्य रूप से 55-60 फीसदी रहती है। इनकी धड़कन भी सामान्य नहीं थी। हृदय 90 से 120 प्रति मिनट धड़क रहा था, सामान्य 70-80 प्रति मिनट रहती है।
इनकी बढ़ी धड़कनें 24 घंटे में तीन से पांच बार पाई गईं। मरीजों में 12 से 17 साल के युवा 18 प्रतिशत, 18 से 30 साल के 32 प्रतिशत और 30 से 45 साल के व्यक्ति 50 प्रतिशत रहे। चिकित्सकीय पड़ताल में तनाव, खराब फिटनेस, खानपान मिला। इससे हृदय की मांसपेशियां कमजोर हुईं और नली में ब्लाकेज भी मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडियन कॉर्डियोलॉजी एसोसिएशन की आगरा शाखा की स्टडी में 65 फीसदी मरीजों में आठ से दस फीसदी के हृदय की कार्य क्षमता 45-55 प्रतिशत पाई गई। यह सामान्य रूप से 55-60 फीसदी रहती है। इनकी धड़कन भी सामान्य नहीं थी। हृदय 90 से 120 प्रति मिनट धड़क रहा था, सामान्य 70-80 प्रति मिनट रहती है।
विज्ञापन
इनकी बढ़ी धड़कनें 24 घंटे में तीन से पांच बार पाई गईं। मरीजों में 12 से 17 साल के युवा 18 प्रतिशत, 18 से 30 साल के 32 प्रतिशत और 30 से 45 साल के व्यक्ति 50 प्रतिशत रहे। चिकित्सकीय पड़ताल में तनाव, खराब फिटनेस, खानपान मिला। इससे हृदय की मांसपेशियां कमजोर हुईं और नली में ब्लाकेज भी मिले।
विज्ञापन
Trending Videos
यह मिली तनाव की वजह
12-17 साल तक के बच्चे: परीक्षा की तैयारी, कक्षा में प्रदर्शन का दबाव।
18 से 30 साल के लोग: प्रतियोगी परीक्षा, कॅरियर, मनमाफिक जॉब न मिलना, ब्रेकअप।
30 से 45 साल: मार्केट का दबाव, पॉलिसी, कार्य का लक्ष्य, आउटडोर पोस्टिंग, जॉब की अस्थिरता।
यह बोले विशेषज्ञ
18 से 30 साल के लोग: प्रतियोगी परीक्षा, कॅरियर, मनमाफिक जॉब न मिलना, ब्रेकअप।
30 से 45 साल: मार्केट का दबाव, पॉलिसी, कार्य का लक्ष्य, आउटडोर पोस्टिंग, जॉब की अस्थिरता।
यह बोले विशेषज्ञ
तनाव के चलते 65 फीसदी मरीजों में हृदय की कार्यक्षमता कम मिली। मांसपेशी कमजोर होने से सांस फूलना, घबरा जाना, पसीना आने जैसी परेशानी मिली। तीन वर्गों की स्टडी में तनाव मुख्य कारक था, बस वजह अलग-अलग थी। - डॉ. राजकुमार गुप्ता, सदस्य इंडियन कॉर्डियोलॉजी एसोसिएशन
तनाव, फास्ट फूड का बढ़ते चलन से 25-30 साल के मरीज भी हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह लंबे समय तक यही हाल मिला। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया, बाद में गंभीर स्थिति बनने पर चिकित्सक के पास पहुंचे। - डॉ. जय बाबू, हृदय रोग विशेषज्ञ
150 किलो कैलोरी से अधिक मात्रा शरीर में जाने पर यह बीमारी की वजह बनती हैं। तेल, चिकनाई और नमक के अधिक इस्तेमाल से बीपी, मधुमेह और मोटापा की समस्या हो रही है। इससे हृदय रोग का खतरा और बढ़ जाता है। - मिनी शर्मा, डायटीशियन एसएन मेडिकल कॉलेज
नमक, चीनी, तेल करो कम
नमक, चीनी और तेल का अधिक उपयोग लगभग हर बीमारी की वजह में है। इनके अधिक इस्तेमाल से हाई ब्लडप्रेशर, मधुमेह और मोटापा का खतरा है, जो सीधे हृदय को प्रभवित करता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा बताती हैं कि 150 किलो कैलोरी से अधिक मात्रा शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचाती है। इसे नियंत्रित करने के लिए चीनी, नमक और तेल जितना रोजाना इस्तेमाल करते हैं, उसमें एक-एक चम्मच कम कर दीजिए।
प्रतिदिन इतनी मात्रा में लें तेल, नमक और चीनी
नमक: छह ग्राम
चीनी: 25-30 ग्राम
चिकनाई: 30 ग्राम
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा बताती हैं कि 150 किलो कैलोरी से अधिक मात्रा शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचाती है। इसे नियंत्रित करने के लिए चीनी, नमक और तेल जितना रोजाना इस्तेमाल करते हैं, उसमें एक-एक चम्मच कम कर दीजिए।
प्रतिदिन इतनी मात्रा में लें तेल, नमक और चीनी
नमक: छह ग्राम
चीनी: 25-30 ग्राम
चिकनाई: 30 ग्राम
यह लक्षण तो हो सकता है हृदय रोग
- सांस लेने में तकलीफ, सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूलना।
- थकावट महसूस करना, नीरसता आना
- भूख में कमी आना, पेट-पैरों में सूजन आना।
- कफ का बार-बार आना
- धड़कन कम होना या बढ़ जाना
- पसीना आना, छाती में दर्द होना
- घबराहट और चक्कर आना
अपने दिल की देखभाल के लिए यह करें
- कम दूरी पर जाने को साइकिल का इस्तेमाल करें।
- 30 मिनट तक तेज गति से चलें, या दौड़ लगाएं।
- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से चढ़कर ऊपर जाएं।
- मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग कम करें।
- संगीत सुनें, खेलें और परिवार के साथ समय बिताएं।
- फास्ट-जंक फूड, धूम्रपान, एल्कोहल से बचें।
- हरी सब्जी, दाल और फल नियमित खाएं।
- थकावट महसूस करना, नीरसता आना
- भूख में कमी आना, पेट-पैरों में सूजन आना।
- कफ का बार-बार आना
- धड़कन कम होना या बढ़ जाना
- पसीना आना, छाती में दर्द होना
- घबराहट और चक्कर आना
अपने दिल की देखभाल के लिए यह करें
- कम दूरी पर जाने को साइकिल का इस्तेमाल करें।
- 30 मिनट तक तेज गति से चलें, या दौड़ लगाएं।
- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से चढ़कर ऊपर जाएं।
- मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग कम करें।
- संगीत सुनें, खेलें और परिवार के साथ समय बिताएं।
- फास्ट-जंक फूड, धूम्रपान, एल्कोहल से बचें।
- हरी सब्जी, दाल और फल नियमित खाएं।