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खुशखबरः खेतीबाड़ी में पारंगत होंगी महिलाएं, आत्मनिर्भर बनाने के लिए गन्ना विभाग ने शुरू की मुहिम
Wed, 30 Sep 2020 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 30 Sep 2020 12:13 AM IST
सार
महिलाएं नर्सरी तैयार कर गन्ने का बीज तैयार करेंगीं और फिर यह बीज वह किसानों को बेच सकेंगी। इससे उन्हें आमदनी होगी और तैयार की गई नर्सरी के आधार पर अनुदान भी दिया जाएगा।
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गन्ने की नर्सरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शासन के निर्देश पर गन्ना विभाग ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए गन्ने की नर्सरी तैयार कर अनुदान देने की योजना बनाई है। इसके लिए महिलाओं के समूह बनाए हैं।
कासगंज के तराई क्षेत्र में गन्ने की फसल पैदा होती है। गन्ने की फसल के लिए नर्सरी तैयार करने में अब महिलाओं की अहम भूमिका होगी। महिलाएं नर्सरी तैयार कर गन्ने का बीज तैयार करेंगीं और फिर यह बीज वह किसानों को बेच सकेंगी। इससे उन्हें आमदनी होगी और तैयार की गई नर्सरी के आधार पर अनुदान भी दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें- Dr Yogita Gautam Murder Case: जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, आरोपी डॉक्टर विवेक ने इसलिए की थी हत्या
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हालांकि यह नर्सरी महिलाओं को निजी भूमि में तैयार करनी होगी। गन्ना विभाग ने नर्सरी तैयार करने के लिए महिलाओं के दो समूह बना दिए हैं। इन समूहों को गन्ना विभाग इसी महीने प्रशिक्षण दे देगा और अक्तूबर से नर्सरी तैयार कराएगा।
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कासगंज के तराई क्षेत्र में गन्ने की फसल पैदा होती है। गन्ने की फसल के लिए नर्सरी तैयार करने में अब महिलाओं की अहम भूमिका होगी। महिलाएं नर्सरी तैयार कर गन्ने का बीज तैयार करेंगीं और फिर यह बीज वह किसानों को बेच सकेंगी। इससे उन्हें आमदनी होगी और तैयार की गई नर्सरी के आधार पर अनुदान भी दिया जाएगा।
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हालांकि यह नर्सरी महिलाओं को निजी भूमि में तैयार करनी होगी। गन्ना विभाग ने नर्सरी तैयार करने के लिए महिलाओं के दो समूह बना दिए हैं। इन समूहों को गन्ना विभाग इसी महीने प्रशिक्षण दे देगा और अक्तूबर से नर्सरी तैयार कराएगा।
ऐसे तैयार करनी होगी नर्सरी
- रोग रहित गन्ना लें, गन्ने की आंख के बीज टुकड़े को काटकर मिट्टी और पानी के घोल में मिला लें।
- बीज को हल्की मिट्टी में ढककर फिर सिंचाई करें।
- पौधा तैयार होने पर उसे सीमित दूरी पर रोपित करें।
फैक्ट फाइल
- 1.5 रुपये प्रति पौधे पर महिलाओं को मिलेगा अनुदान।
- 40 क्विंटल गन्ना एक एकड़ क्षेत्रफल में बोया जाता है।
- 9000 गन्ना किसान पंजीकृत हैं जिलेभर में।
- 8 महिलाएं एक समूह में की गई हैं शामिल।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। नर्सरी तैयार कराकर उन्हें प्रति पौधे के हिसाब से 1.5 रुपये अनुदान दिया जाएगा। दो समूह गठित कर दिए गए हैं। अगले महीने नर्सरी तैयार कराई जाएगी। - ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
- रोग रहित गन्ना लें, गन्ने की आंख के बीज टुकड़े को काटकर मिट्टी और पानी के घोल में मिला लें।
- बीज को हल्की मिट्टी में ढककर फिर सिंचाई करें।
- पौधा तैयार होने पर उसे सीमित दूरी पर रोपित करें।
फैक्ट फाइल
- 1.5 रुपये प्रति पौधे पर महिलाओं को मिलेगा अनुदान।
- 40 क्विंटल गन्ना एक एकड़ क्षेत्रफल में बोया जाता है।
- 9000 गन्ना किसान पंजीकृत हैं जिलेभर में।
- 8 महिलाएं एक समूह में की गई हैं शामिल।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। नर्सरी तैयार कराकर उन्हें प्रति पौधे के हिसाब से 1.5 रुपये अनुदान दिया जाएगा। दो समूह गठित कर दिए गए हैं। अगले महीने नर्सरी तैयार कराई जाएगी। - ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।