जेल में जज से बोलीं महिला बंदी: साहब! हमारा नहीं कोई जमानतदार, न पैरोकार, उनके साथ एक दर्जन बच्चे भी बंद
आगरा में जेल में जज से महिला बंदियों ने कहा कि साहब हमारा कोई जमानतदार नहीं हैं। न ही कोई पैरोकार है। उनके साथ एक दर्जन बच्चे भी बंद हैं।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में न्यायिक और पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने बुधवार की सुबह जिला व केंद्रीय जेल का मुआयना किया। इस दौरान महिला बंदियों ने उन्हें जमानतदार नहीं मिलने के कारण रिहाई नहीं होने की समस्या बताई।
जिला जेल पहुंचे अधिकारी
जिला जज विवेक संगल, डीएम नवनीत चहल और अपर पुलिस आयुक्त केशव चौधरी बुधवार सुबह करीब आठ बजे जिला जेल पहुंचे। उन्होंने वहां अस्पताल, जेल की रसोई और महिला बैरक का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने महिला बंदियों से बातचीत की। बंदियों ने जमानतदार न मिलने की बात कही।
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महिला बंदियों के पास नहीं जमानतदार
वहीं जिन महिला बंदियों के पास पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं है, उनके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को लिखने के लिए कहा गया। जिला जेल में 132 महिला बंदी और उनके 12 बच्चे हैं। डेढ़ दर्जन महिला बंदी ऐसी हैं, जिनके पास जमानतदार नहीं हैं। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक पीडी सलोनिया, उप कारापाल हरवंश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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भोजन की गुणवत्ता को जांचा
इसके बाद अफसरों ने केंद्रीय कारागार पहुंचकर वहां बनाए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली। रसोई में भोजन की गुणवत्ता को चेक किया। इस मौके पर प्रभारी डीआईजी कारागार आगरा मंडल आरके मिश्रा, उप कारापाल आलोक कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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