{"_id":"5f4122178ebc3e3ce91524a3","slug":"woman-mainpuri-news-agr455813725","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधवा के लिए ससुराल के दरवाजे हुए बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधवा के लिए ससुराल के दरवाजे हुए बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। पति की मौत के बाद ससुरालीजनों ने विधवा के लिए घर के दरवाजे बंद कर दिए हैं। शुक्रवार को मायके से घर लौटी विधवा घर के बाहर बैठ गई। 24 घंटे तक भूखी प्यासी बैठने के बाद भी किसी का दिल नहीं पसीजा। पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस ने वहां आना जरूरी नहीं समझा।
फिरोजाबाद के गांव नगला गवे निवासी मनोरमा की शादी वर्ष 2007 में कोतवाली क्षेत्र के बालाजी पुरम निवासी योगेश कुमार के साथ हुई थी। योगेश स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात था। करीब दो माह पूर्व फार्मासिस्ट की एक हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के कुछ दिन बाद संगीता मायके चली गई थी।
शुक्रवार को करीब 12 बजे विधवा ससुराल पहुंची। तो ससुरालीजन घर में ताला लगाकर कहीं चले गए थे। महिला घर के बाहर ही इंतजार में बैठ गई। धीरे धीरे समय बीता और रात गुजर गई, लेकिन कोई भी ससुरालीजन वहां नहीं आया। करीब 24 घंटों तक घर के बाहर बैठने के बाद महिला वहां से चली गई। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन किसी ने मौके पर आकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी।
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद के गांव नगला गवे निवासी मनोरमा की शादी वर्ष 2007 में कोतवाली क्षेत्र के बालाजी पुरम निवासी योगेश कुमार के साथ हुई थी। योगेश स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात था। करीब दो माह पूर्व फार्मासिस्ट की एक हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के कुछ दिन बाद संगीता मायके चली गई थी।
विज्ञापन
शुक्रवार को करीब 12 बजे विधवा ससुराल पहुंची। तो ससुरालीजन घर में ताला लगाकर कहीं चले गए थे। महिला घर के बाहर ही इंतजार में बैठ गई। धीरे धीरे समय बीता और रात गुजर गई, लेकिन कोई भी ससुरालीजन वहां नहीं आया। करीब 24 घंटों तक घर के बाहर बैठने के बाद महिला वहां से चली गई। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन किसी ने मौके पर आकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी।
विज्ञापन