Murder Case: कूलर हटाने के विवाद में महिला की हत्या, कोर्ट ने 22 महीने में सुनाया फैसला; दोषियों को उम्रकैद
बल्केश्वर में कूलर के विवाद में दंपती ने बेटों के साथ मिलकर महिला की हत्या की थी। इस मामले में कोर्ट ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
विस्तार
आगरा के जिला जज विवेक संगल ने कमला नगर के बल्केश्वर में कूलर हटाने के विवाद में हुई महिला की हत्या के मामले में आरोपी पति-पत्नी और दो बेटों को दोषी पाया। चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। फैसला 22 महीने में सुनाया गया।
2021 की है घटना
घटना 9 जून 2021 की है। बल्केश्वर स्थित श्रमिक काॅलोनी निवासी कांता देवी के पति किशोर बलेचा की घटना से पांच साल पहले मौत हो गई थी। कांता देवी बीमा एजेंट थीं। वह बेटी दीक्षा के साथ रहती थीं। दीक्षा एक कंपनी में सेल्स का काम करती हैं। आरोपी मान सिंह परिवार सहित भूतल पर जबकि उनका परिवार पहली मंजिल पर रहता था। खिड़की पर उनका कूलर लगा था। मान सिंह ने अतिक्रमण कर छत ऊपर कर ली थी। यह उनकी खिड़की तक आ रही थी।
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घर में घुसकर की मारपीट
मृतक की बेटी दीक्षा ने पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि भाई विजय बलेचा भी नोएडा से आया हुआ था। वह बाहर गया था। रात तकरीबन 8:30 मान सिंह लाठी, डंडे और लोहे की सरिया लेकर घर में घुस आए। कूलर हटाने के लिए धमकी देना शुरू कर दिया। विरोध पर मान सिंह, उनकी पत्नी और बेटों ने मारपीट शुरू कर दी।
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थाना कमला नगर में दर्ज हुआ था मुकदमा
कांता देवी और दीक्षा को डंडे से पीटा। कांता के सिर में चोट लगी। मां और बहन की चीख पुकार सुनकर विजय आया। यह देखकर चारों आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। दीक्षा और कांता देवी को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने कांता देवी को मृत घोषित कर दिया। मामले में थाना कमला नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। केस में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने साक्ष्य संकलन कार्रवाई की।
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छह गवाह और हत्या से जुड़े सबूत किए पेश
कोर्ट में जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत कुमार गुप्ता, एडीजीसी देवी सिंह सोलंकी और वरिष्ठ अधिवक्ता विजय आहूजा, वीनू आहूजा ने छह गवाह और हत्या से जुड़े सबूत पेश किए। हत्या के लिए फांसी की सजा की दलील दी। जिला जज ने घटना को गंभीर मानते हुए साक्ष्य और गवाह के बयानों के आधार पर आरोपी बल्केश्वर निवासी सरदार मान सिंह भाटिया, उनकी पत्नी रेनू, बेटे हरवंश सिंह भाटिया और सिमरन जीत सिंह भाटिया को दोषी पाया। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 60 हजार जुर्माना भी लगाया।
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