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महिला की मौत: चिकित्सकों ने इसलिए छुपाई ये बात, ताकि वसूला जा सके अस्पताल का बिल; घरवालों के करते रहे गुमराह
Sat, 29 Aug 2026 08:41 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 29 Aug 2026 08:41 AM IST
सार
आगरा के जेजे अस्पताल में गुर्दे के ऑपरेशन के बाद 35 वर्षीय महिला बबीता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मौत की जानकारी छिपाकर अस्पताल कर्मचारियों ने उनसे करीब एक लाख रुपये जमा कराए।
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अस्पताल का मौत पर बिल
- फोटो : AI
विस्तार
आगरा के आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 12 स्थित जेजे अस्पताल में 35 वर्षीय बबीता की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के परिजन ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। उनका कहना है कि चिकित्सक ने गुर्दे का ऑपरेशन किया, जिसके बाद हालत खराब होने पर अस्पताल कर्मचारियों ने रेफर करने की बात कही। अस्पताल का पूरा खर्च जमा कराने के बाद ही उन्हें मौत की जानकारी दी गई। पुलिस का कहना है कि सीएमओ कार्यालय से रिपोर्ट ली जाएगी।
दामोदरपुरा, सदर, मथुरा निवासी बबीता पत्नी मुकेश को गुर्दे में संक्रमण की शिकायत थी, जिसके बाद परिजन उन्हें आगरा लेकर आए थे। 23 अगस्त को उन्हें आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 12 स्थित जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि चिकित्सक ने संक्रमण अधिक होने के कारण ऑपरेशन की आवश्यकता बताई थी। बृहस्पतिवार को बबीता का ऑपरेशन किया गया, तब तक उसकी हालत स्थिर बताई गई थी।
परिजन का कहना है कि दोपहर तीन बजे अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि बबीता की हालत गंभीर है और उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना होगा, साथ ही जयपुर ले जाने की सलाह दी। इस पर परिवार के लोग घबरा गए। बाद में उन्हें अस्पताल का बिल थमाया गया और दवाइयों पर खर्च करीब एक लाख रुपये जमा करा लिए गए। इस दौरान उन्हें यही बताया जाता रहा कि बबीता की हालत स्थिर है और रेफर करने के लिए कागजात तैयार किए जा रहे हैं। तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद शाम छह बजे उन्हें बबीता की मौत के बारे में बताया गया।
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परिजन ने आरोप लगाया है कि उन्हें गुमराह किया गया और बबीता की मृत्यु दोपहर में ही हो गई थी, लेकिन कर्मचारी रकम जमा कराने के चक्कर में झूठ बोलते रहे। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। मामले में सीएमओ कार्यालय से भी रिपोर्ट ली जाएगी।
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दामोदरपुरा, सदर, मथुरा निवासी बबीता पत्नी मुकेश को गुर्दे में संक्रमण की शिकायत थी, जिसके बाद परिजन उन्हें आगरा लेकर आए थे। 23 अगस्त को उन्हें आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 12 स्थित जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि चिकित्सक ने संक्रमण अधिक होने के कारण ऑपरेशन की आवश्यकता बताई थी। बृहस्पतिवार को बबीता का ऑपरेशन किया गया, तब तक उसकी हालत स्थिर बताई गई थी।
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परिजन का कहना है कि दोपहर तीन बजे अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि बबीता की हालत गंभीर है और उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना होगा, साथ ही जयपुर ले जाने की सलाह दी। इस पर परिवार के लोग घबरा गए। बाद में उन्हें अस्पताल का बिल थमाया गया और दवाइयों पर खर्च करीब एक लाख रुपये जमा करा लिए गए। इस दौरान उन्हें यही बताया जाता रहा कि बबीता की हालत स्थिर है और रेफर करने के लिए कागजात तैयार किए जा रहे हैं। तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद शाम छह बजे उन्हें बबीता की मौत के बारे में बताया गया।
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परिजन ने आरोप लगाया है कि उन्हें गुमराह किया गया और बबीता की मृत्यु दोपहर में ही हो गई थी, लेकिन कर्मचारी रकम जमा कराने के चक्कर में झूठ बोलते रहे। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। मामले में सीएमओ कार्यालय से भी रिपोर्ट ली जाएगी।