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प्रभु के जाते ही रेलवे की ये हालत, चलती ट्रेन में इलाज न मिलने से महिला की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 05 Sep 2017 08:38 AM IST
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महिला ने दम तोड़ दिया
- फोटो : अमर उजाला
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जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला की इलाज के अभाव में मौत हो गई। टीसी को लाख समझाने के बाद भी उसने बीमार महिला को निचली बर्थ पर नहीं बैठने दिया। आखिरकार रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए यात्रियों ने आगरा फोर्ट स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।
आगरा फोर्ट स्टेशन पर डेढ़ घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। यात्री ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। बवाल बढ़ने पर टीसी भाग निकला। जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों ने समझा बुझाकर ट्रेन को आगे रवाना करवाया। इस संबंध में मृतका के बेटे ने टीसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
बताया गया है कि धनबाद झारखंड की रहने वाली कंचन देवी (55) अपने बेटे अमरजीत प्रसाद के साथ जमशेदपुर टाटा नगर से जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस की एस-6 बोगी में सवार हुई थीं। कंचन देवी हृदय और उच्च रक्तचाप की मरीज थीं। अमरजीत ने बताया कि रास्ते में मां की तबियत बिगड़ने लगी।
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उन्होंने टीसी एसवी मीना से ऊपर की बर्थ से निचली बर्थ पर शिफ्ट करने को कहा, लेकिन टीसी ने एक नहीं सुनी। इसके बाद कंचन देवी की जयपुर पहुंचने पर हालत बिगड़ने लगी। कोच में सवार अन्य यात्रियों ने भी ट्रेन को जयपुर, बांदीकुई और भरतपुर पर गाड़ी को रोककर महिला को इलाज के लिए उतारने को कहा मगर टीसी ने किसी स्टेशन पर मेडिकल मदद नहीं दिलाई।
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आगरा फोर्ट स्टेशन पर डेढ़ घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। यात्री ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। बवाल बढ़ने पर टीसी भाग निकला। जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों ने समझा बुझाकर ट्रेन को आगे रवाना करवाया। इस संबंध में मृतका के बेटे ने टीसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
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बताया गया है कि धनबाद झारखंड की रहने वाली कंचन देवी (55) अपने बेटे अमरजीत प्रसाद के साथ जमशेदपुर टाटा नगर से जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस की एस-6 बोगी में सवार हुई थीं। कंचन देवी हृदय और उच्च रक्तचाप की मरीज थीं। अमरजीत ने बताया कि रास्ते में मां की तबियत बिगड़ने लगी।
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उन्होंने टीसी एसवी मीना से ऊपर की बर्थ से निचली बर्थ पर शिफ्ट करने को कहा, लेकिन टीसी ने एक नहीं सुनी। इसके बाद कंचन देवी की जयपुर पहुंचने पर हालत बिगड़ने लगी। कोच में सवार अन्य यात्रियों ने भी ट्रेन को जयपुर, बांदीकुई और भरतपुर पर गाड़ी को रोककर महिला को इलाज के लिए उतारने को कहा मगर टीसी ने किसी स्टेशन पर मेडिकल मदद नहीं दिलाई।
एक घंटे तक ट्रेन खड़ी रही, नहीं आए अधिकारी
आगरा फोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
अमरजीत का कहना है कि टीसी पर मोबाइल भी नहीं था। उन्होंने अपने मोबाइल से बात करने को कहा मगर टीसी ने एक नहीं सुनी। सुबह आठ बजे ट्रेन के आगरा फोर्ट स्टेशन पर रुकने से पहले ही कंचन देवी ने दम तोड़ दिया। इस पर फोर्ट स्टेशन पर यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। आरोपी टीसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक गाड़ी नहीं चलने देने की बात कही।
बवाल बढ़ने पर टीसी भाग निकला। आरपीएफ और जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को समझाया। एक घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही मगर रेलवे का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अमरजीत ने डीआरएम और स्टेशन अधीक्षक को टीसी के खिलाफ शिकायत दी है।
मामले में एनसीआर आगरा मंडल के वाणिज्य प्रबंधक डा. संचित त्यागी का कहना है कि टीसी ने बांदीकुई से ट्रेन के चलने पर सूचना दी थी। आगरा फोर्ट पहुंचने तक महिला की मौत हो गई। जांच कराई जा रही है।
बवाल बढ़ने पर टीसी भाग निकला। आरपीएफ और जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को समझाया। एक घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही मगर रेलवे का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अमरजीत ने डीआरएम और स्टेशन अधीक्षक को टीसी के खिलाफ शिकायत दी है।
मामले में एनसीआर आगरा मंडल के वाणिज्य प्रबंधक डा. संचित त्यागी का कहना है कि टीसी ने बांदीकुई से ट्रेन के चलने पर सूचना दी थी। आगरा फोर्ट पहुंचने तक महिला की मौत हो गई। जांच कराई जा रही है।