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सरकारी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन न मिलने पर प्रसूता की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Sun, 01 Sep 2019 09:07 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 01 Sep 2019 09:07 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में शनिवार को प्रसूता को ऑक्सीजन न मिलने पर मौत हो गई। परिजनों ने स्त्री एवं प्रसूति विभाग में हंगामा किया। पुलिस को शव नहीं ले जाने दिया। काफी समझाने के बाद परिजन माने और शव का पोस्टमार्टम कराया।
ताजगंज निवासी सिम्मी (24) को 21 अगस्त को स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया। 23 अगस्त को ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया। दौरा पड़ने पर 25 अगस्त को इसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। यहां तीन भर्ती रही, हालत में सुधार होने पर 29 को वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
मृतका की भांजी वीनेश ने बताया कि मामी को मास्क लगा हुआ था, रात को करीब 11 बजे उनको सांस लेने में तकलीफ हुई। इस पर वो स्टाफ के पास गई और परेशानी बताकर ऑक्सीजन शुरू कराने को कहा। इसका आरोप है कि उस वक्त चिकित्सकीय स्टाफ रसगुल्ला खा रहे थे और बोले कि तुम चलो, हम आते हैं।
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ताजगंज निवासी सिम्मी (24) को 21 अगस्त को स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया। 23 अगस्त को ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया। दौरा पड़ने पर 25 अगस्त को इसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। यहां तीन भर्ती रही, हालत में सुधार होने पर 29 को वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
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मृतका की भांजी वीनेश ने बताया कि मामी को मास्क लगा हुआ था, रात को करीब 11 बजे उनको सांस लेने में तकलीफ हुई। इस पर वो स्टाफ के पास गई और परेशानी बताकर ऑक्सीजन शुरू कराने को कहा। इसका आरोप है कि उस वक्त चिकित्सकीय स्टाफ रसगुल्ला खा रहे थे और बोले कि तुम चलो, हम आते हैं।
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तीमारदार को फटकार कर भगाया
इसके बाद आधा घंटे तक स्टाफ नहीं आया, दोबारा जाने पर उसे फटकार दिया। काफी देर तक मरीज तड़पती रही। कुछ देर बाद वो बेहोश हो गई। सुबह करीब सात बजे स्टाफ आया तब तक उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह का कहना है कि मरीज को टीबी और दौरा की शिकायत थी। आईसीयू में भी भर्ती रही। इमारत में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम है, ऑक्सीजन न देने का आरोप गलत है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एके आर्या का कहना है कि विभागाध्यक्ष से मरीज की मौत रिपोर्ट मांगी है। किस चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी थी, इसका भी विवरण मांगा है।
पुलिस को नहीं ले जाने दिया शव
परिजनों ने पुलिस को शव नहीं ले जाने दिया। जैसे ही पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में रखवा रही थी, परिजनों ने एंबुलेंस के दरवाजा के रास्ता रोक लिया और पुलिस से उलझ गए। विरोध जताते हुए परिजनों की पुलिस से तीखी नोंकझोंक हुई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे अभद्रता भी की।
बच्चों का कौन करेगा पालन
सिम्मी का पति राजेश कुमार की पहले ही मौत हो गई है। सिम्मी पर पहले से दो बच्ची हैं और तीसरा यह बेटा है। सिम्मी के रिश्तेदार राधेश्याम बताते हैं कि गरीबी हाल में बच्चों की जैसे-तैसे परवरिश करती थी, अब उसकी भी मौत हो गई, कैसे बच्चों का पालन होगा। इतना कहते ही परिजन रोने लगे।
विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह का कहना है कि मरीज को टीबी और दौरा की शिकायत थी। आईसीयू में भी भर्ती रही। इमारत में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम है, ऑक्सीजन न देने का आरोप गलत है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एके आर्या का कहना है कि विभागाध्यक्ष से मरीज की मौत रिपोर्ट मांगी है। किस चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी थी, इसका भी विवरण मांगा है।
पुलिस को नहीं ले जाने दिया शव
परिजनों ने पुलिस को शव नहीं ले जाने दिया। जैसे ही पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में रखवा रही थी, परिजनों ने एंबुलेंस के दरवाजा के रास्ता रोक लिया और पुलिस से उलझ गए। विरोध जताते हुए परिजनों की पुलिस से तीखी नोंकझोंक हुई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे अभद्रता भी की।
बच्चों का कौन करेगा पालन
सिम्मी का पति राजेश कुमार की पहले ही मौत हो गई है। सिम्मी पर पहले से दो बच्ची हैं और तीसरा यह बेटा है। सिम्मी के रिश्तेदार राधेश्याम बताते हैं कि गरीबी हाल में बच्चों की जैसे-तैसे परवरिश करती थी, अब उसकी भी मौत हो गई, कैसे बच्चों का पालन होगा। इतना कहते ही परिजन रोने लगे।