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विविः पढ़ाई शुरू होने के साथ छात्रों को परीक्षा की तैयारी में लगना होगा
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को पढ़ाई शुरू होने के साथ ही परीक्षा की तैयारी में जुटना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत सभी पाठ्यक्रमों में सत्र परीक्षाएं होंगी। सत्र के बीच में भी परीक्षाएं कराई जाएंगी। सतत मूल्यांकन की भी व्यवस्था लागू होनी है।
आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस समय कॉलेज में छात्रों के प्रवेश चल रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पढ़ाई कराने के लिए समयसारिणी बना ली गई है। छात्रों को वार्षिक परीक्षा की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। पढ़ाई शुरू होने के डेढ़-दो माह बाद परीक्षाएं होगी। उसके लिए पढ़ाई के साथ ही तैयारी रखनी होगी। कॉलेज इस परीक्षा को अपनी सुविधानुसार कराएंगे। आंतरिक परीक्षाओं के अंक सत्र परीक्षा में जुड़ेंगे।
सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि वार्षिक परीक्षा की व्यवस्था में तमाम छात्र-छात्राएं परीक्षा नजदीक आने पर ही तैयारी में जुटते थे। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सतत मूल्यांकन की व्यवस्था बनानी है। सेमेस्टर के बीच में परीक्षाएं कराई जाएंगी। इसके लिए छात्रों को नियमित रूप से कक्षाएं करनी होंगी और परीक्षा की तैयारी पढ़ाई शुरू होने के साथ करनी होगी।
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आगरा। कॉलेजों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाने होंगे। पाठ्यक्रमों के निर्धारित की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों को दी गई है। कुछ कॉलेजों ने प्रस्ताव बनाकर विश्वविद्यालय को भेज दिए हैं। इन प्रस्तावों को मंजूरी देने की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश चल रहे हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि जल्द इस संबंध में निर्णय लिया जाना है।
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आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस समय कॉलेज में छात्रों के प्रवेश चल रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पढ़ाई कराने के लिए समयसारिणी बना ली गई है। छात्रों को वार्षिक परीक्षा की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। पढ़ाई शुरू होने के डेढ़-दो माह बाद परीक्षाएं होगी। उसके लिए पढ़ाई के साथ ही तैयारी रखनी होगी। कॉलेज इस परीक्षा को अपनी सुविधानुसार कराएंगे। आंतरिक परीक्षाओं के अंक सत्र परीक्षा में जुड़ेंगे।
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सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि वार्षिक परीक्षा की व्यवस्था में तमाम छात्र-छात्राएं परीक्षा नजदीक आने पर ही तैयारी में जुटते थे। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सतत मूल्यांकन की व्यवस्था बनानी है। सेमेस्टर के बीच में परीक्षाएं कराई जाएंगी। इसके लिए छात्रों को नियमित रूप से कक्षाएं करनी होंगी और परीक्षा की तैयारी पढ़ाई शुरू होने के साथ करनी होगी।
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आगरा। कॉलेजों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाने होंगे। पाठ्यक्रमों के निर्धारित की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों को दी गई है। कुछ कॉलेजों ने प्रस्ताव बनाकर विश्वविद्यालय को भेज दिए हैं। इन प्रस्तावों को मंजूरी देने की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश चल रहे हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि जल्द इस संबंध में निर्णय लिया जाना है।