फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Wildlife SOS team rescues snake safely in the dhaba in Agra

आगरा: सांप के शरीर पर फंसा जिप टाई लॉक, वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने बचाया

Wed, 02 Jun 2021 12:26 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 02 Jun 2021 12:26 AM IST
सार

वाइल्डलाइफ एसओएस टीम ने सावधानी बरते हुए सांप को सुरक्षित बचाया और प्लास्टिक टाई लॉक को काट कर हटाया। फिलहाल सांप को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

विज्ञापन
Wildlife SOS team rescues snake safely in the dhaba in Agra
वाइल्डलाइफ एसओएस टीम के सदस्य ने पकड़ा सांप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर स्थित शंकर ढाबा में मंगलवार को छह फीट लंबा रैट स्नेक (सांप) मिलने से दहशत फैल गई। सांप के शरीर पर प्लास्टिक का जिप टाई लॉक फंसा हुआ था। ढाबे के मालिक ने वाइल्डलाइफ एसओएस को सांप होने की सूचना दी। इसके बाद संस्था की दो सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और जिप टाई लॉक से सांप को सुरक्षित निकाला। सांप को वर्तमान में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और जल्द ही उसे जंगल में वापस छोड़ दिया जाएगा।

विज्ञापन


वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि जिप टाई लॉक सांप के शरीर के चारों ओर कसकर बंधा हुआ था और थोड़ी सी भी लापरवाही से उसे गंभीर चोट लग सकती थी। अक्सर सांप, पक्षी और छोटे जानवर लोहे की जाली, सिंथेटिक नेट या फिर ऐसे ही प्लास्टिक के लॉक में फंस जाते हैं, जिसके बाद घुटन, भुख के कारण उनकी मौत भी हो सकती है।
विज्ञापन


वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजुराज एम.वी ने कहा कि बीते दिनों से आगरा में सांपों से जुड़ी कॉल्स में वृद्धि हुई है और हम हमारे संरक्षण के प्रयासों का समर्थन करने एवं हमारी हेल्पलाइन पर ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए जनता के आभारी हैं। हमारे प्रशिक्षित बचावकर्मी ऐसी परीस्थितियों का सामना करने के लिए सभी सुरक्षा उपायों का पालन करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रैट स्नैक नहीं होता है विषैला
उन्होंने बताया कि रैट स्नेक, जिसे ओरिएंटल रैट स्नेक के रूप में भी जाना जाता है, आमतौर पर शहरी क्षेत्रों में भी पाए जाते हैं।  इसे उत्तरी भारत में 'धमन' के नाम से भी जाना जाता है। वे मुख्य रूप से कृन्तकों, पक्षियों और छोटे जानवरों सहित विभिन्न प्रकार के शिकार को अपना आहार बनाते हैं और अक्सर प्राकृति आवास में शिकार की कमी के कारण मानव आवास में भटक जाते हैं। रैट स्नेक एक गैर-विषैली सांप की प्रजाति है, क्योंकि यह कोबरा सांप से समान और आमतौर पर बड़े आकार के होते हैं, इसलिए इन्हें भी लोग विषैला मान लेते हैं।

वाइल्डलाइफ एसओएस टीम ने ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित गल्ला मंडी के पास यादव नगर में एक घर से वुल्फ सांप को भी रेस्क्यू किया। बरामदे में लगी टाइल्स के नीचे सांप घुस गया था, इसलिए बचाव दल ने सांप को सुरक्षित निकालने के लिए सावधानी से टाइल्स हटा दीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed