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एक्सप्रेसवे हादसा: आंखें पति को ढूंढती रहीं, लेकिन पूजा को नहीं बताया गया दर्दनाक सच
Tue, 02 Jun 2026 10:06 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 02 Jun 2026 10:06 AM IST
सार
एक्सप्रेसवे हादसे में घायल पूजा को अभी तक यह नहीं बताया गया है कि उनके पति सुनील की मौत हो चुकी है। अस्पताल में वह बार-बार पति से मिलने की जिद कर रही हैं, जबकि परिवार इस दर्दनाक सच्चाई को उनसे छिपा रहा है।
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घायल महिला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक्सप्रेसवे पर हादसे में घायल पूजा को अभी पता नहीं है कि हादसे में पति सुनील की मौत हो गई है और मासूम बेटे के सिर से पिता का साया उठ चुका है। वह बार-बार सबसे पति से मिलवाने की जिद कर रही हैं। पुलिसकर्मी और अन्य साथी बहाने बनाकर दिलासा दे रहे हैं। देर रात परिजन के आने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम की लिखापढ़ी शुरू की।
सुनील बिहार के बांका जिला के रहने वाले थे। परिजन ने बताया कि पूजा के भाई के मित्र राजू राजस्थान के हैं। सुनील पानी का काम करते थे। बेटा अयांश 3 वर्ष का है। सुनील अभी से बेटे को आगे अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए चिंतित रहते थे। कुछ दिन से पूजा मायके में थीं। राजू ने राजस्थान में काम दिलाने का आश्वासन दिया था। इस पर सुनील ने राजस्थान में रहने और नया कारोबार जमाने का विचार बनाया था।
नए काम की शुरुआत से पहले खाटूश्याम बाबा का दर्शन करने जा रहे थे। सुनील कार में आगे बैठे थे और पूजा बच्चे के साथ पीछे डिगी में। रात 2 बजे के करीब सभी सो रहे थे। अचानक झटका लगा और फिर कुछ समझ नहीं आया। काफी देर बाद हाेश आया तो अस्पताल में थे। पता चला कि ड्राइवर ने खड़े ट्रक में टक्कर मार दी थी।
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पति को तलाशती रही आंखें
पूजा एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लगातार गेट की तरफ टकटकी लगाए थीं। बार-बार पुलिसकर्मियों से पति और बाकी लोगों के बारे में पूछ रही थीं। पुलिसकर्मी उन्हें दिलासा दे रहे थे। उनके लिए फल लेकर आए। बार-बार कुछ खाने के लिए कह रहे थे। मासूम अयांश भी बार-बार पिता के बारे में पूछ रहा था।
रात में पहुंचे परिजन
पूजा के परिजन घटना की सूचना के बाद ही बिहार से चल दिए थे। रात में सभी एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। पहले जीवित लोगों के बारे में पूछा। इसके बाद थाना फतेहाबाद से आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
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सुनील बिहार के बांका जिला के रहने वाले थे। परिजन ने बताया कि पूजा के भाई के मित्र राजू राजस्थान के हैं। सुनील पानी का काम करते थे। बेटा अयांश 3 वर्ष का है। सुनील अभी से बेटे को आगे अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए चिंतित रहते थे। कुछ दिन से पूजा मायके में थीं। राजू ने राजस्थान में काम दिलाने का आश्वासन दिया था। इस पर सुनील ने राजस्थान में रहने और नया कारोबार जमाने का विचार बनाया था।
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नए काम की शुरुआत से पहले खाटूश्याम बाबा का दर्शन करने जा रहे थे। सुनील कार में आगे बैठे थे और पूजा बच्चे के साथ पीछे डिगी में। रात 2 बजे के करीब सभी सो रहे थे। अचानक झटका लगा और फिर कुछ समझ नहीं आया। काफी देर बाद हाेश आया तो अस्पताल में थे। पता चला कि ड्राइवर ने खड़े ट्रक में टक्कर मार दी थी।
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पति को तलाशती रही आंखें
पूजा एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लगातार गेट की तरफ टकटकी लगाए थीं। बार-बार पुलिसकर्मियों से पति और बाकी लोगों के बारे में पूछ रही थीं। पुलिसकर्मी उन्हें दिलासा दे रहे थे। उनके लिए फल लेकर आए। बार-बार कुछ खाने के लिए कह रहे थे। मासूम अयांश भी बार-बार पिता के बारे में पूछ रहा था।
रात में पहुंचे परिजन
पूजा के परिजन घटना की सूचना के बाद ही बिहार से चल दिए थे। रात में सभी एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। पहले जीवित लोगों के बारे में पूछा। इसके बाद थाना फतेहाबाद से आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।