फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Who Opened Shri Paras Hospital Sealed After Closed In 2020 Act Of Corona Pendemic

श्री पारस अस्पताल: आखिर किसने दोबारा खुलवाया अस्पताल, जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जवाबों से सभी हैरान

Fri, 25 Jun 2021 07:57 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 25 Jun 2021 07:57 AM IST
सार

विगत वर्ष 2020 में महामारी फैलाने पर अस्पताल को किया गया था, दोबारा किसने खुलवाया इस सवाल पर जिलाधिकारी बोले-स्वास्थ्य विभाग से पूछिए, मैने नहीं दी अनुमति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बोले-हमने नहीं खोला, शासन स्तर से हुआ फैसला
 

विज्ञापन
Who Opened Shri Paras Hospital Sealed After Closed In 2020 Act Of Corona Pendemic
श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के जिस श्री पारस अस्पताल पर 11 जिलों में महामारी फैलाने पर सील लगा दी गई थी, उसकी सील किसने खुलवाई। इस सवाल का जवाब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि उनके कार्यालय से अनुमति नहीं जारी की गई। स्वास्थ्य विभाग से पूछिए। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है स्वास्थ्य विभाग ने सील नहीं खोली। शासन स्तर से फैसला हुआ था। सील खुलने के बाद अस्पताल पर ऑक्सीजन की मॉकड्रिल और महामारी के समय ऑक्सीजन की कमी का भ्रम फैलाने के आरोप लगे हैं। अस्पताल के अपराध की पुनरावृत्ति के लिए कौन जिम्मेदार है, यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन


पिछले साल श्री पारस अस्पताल आगरा का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना था। कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए श्री पारस अस्पताल के विरुद्ध जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। अस्पताल संचालक डॉ. अरिन्जय जैन आरोप है कि उन्होंने चोरी छिपे संक्रमितों को भर्ती किया और उनके अन्य जिलों में वायरस फैलाया। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को संक्रमितों के इलाज के बारे में सूचना तक नहीं दी। 
विज्ञापन


कोविड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को ताक पर रखने पर अस्पताल सील हुआ था। करीब 10 महीने तक यहां इलाज पर रोक लगी रही। अपर जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव ने 11 जिलों के डीएम को पत्र भेज अपने जिलों के मरीजों की जांच कराने के लिए कहा था। तब श्रीपारस अस्पताल में 26 मार्च से 6 अप्रैल तक 96 मरीज भर्ती हुए थे। प्रशासन को इसमें आगरा के 16 मरीज संक्रमित मिले थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन



 

दोष सिद्ध होने तक काम से नहीं रोका जा सकता
प्रशासनिक स्तर पर सील नहीं खोली गई है। स्वास्थ्य विभाग इन मामलों को देखता है। महामारी के मामले में जब तक दोष सिद्ध नहीं होता जाता किसी को काम से नहीं रोका जा सकता। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी, आगरा

कोविड सेंटर बनाने से पहले कमेटी ने किया निरीक्षण
सील कैसे खुली हमें नहीं पता। स्वास्थ्य विभाग ने नहीं खोली है। कोविड सेंटर बनाने से पहले तीन सदस्यीय कमेटी ने निरीक्षण किया था। शासन स्तर से सील खोलने का फैसला हुआ था। - डॉ. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

सवाल: कौन जिम्मेदार
- शासन : जहां से रसूख के दम पर दोबारा सील खोलने की अनुमति मिली।
- प्रशासन :  मुकदमा दर्ज कराने के बाद दोबारा अनुमति का विरोध नहीं किया।
 - सीएमओ : अग्नि सुरक्षा, बिल्डिंग कोड व अन्य मानकों को अनदेखा किया।
- जनप्रतिनिधि : जिन्होंने डॉ. जैन से रिश्ते निभाए, सील खुलवाने में पैरवी की। 

नेताओं से गहरे हैं रिश्ते
श्री पारस अस्पताल मालिक डॉ. अरिन्जय जैन के नेताओं से गहरे रिश्ते हैं। डॉ. अरिन्जय को शहर के कई विधायक, मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों का खास माना जाता है। श्री पारस अस्पताल में आगरा के अलावा इटावा, मैनपुरी, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, अलीगढ़, औरया व कन्नौज के मरीज अधिक भर्ती होते हैं।


16 में पांच मृतक गैर जिलों के 
ऑक्सीजन की दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में 22 मरीजों की मौत के आरोप हैं। जिला प्रशासन ने डेथ ऑडिट में मृतक संख्या 16 बताई है, जिनमें इटावा, मैनपुरी समेत गैर जिलों के पांच मृतक थे। 11 मृतक आगरा के रहने वाले थे। जांच कमेटी की रिपोर्ट में किसी भी मरीज की मृत्यु ऑक्सीजन की कमी से नहीं मानी गई है।

ये भी पढ़ें: श्री पारस अस्पताल: प्रापर्टी टैक्स में गड़बड़ी की खुलेगी फाइल, तीन साल से जमा नहीं हुआ, क्षेत्रफल का होगा सत्यापन
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed