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श्री पारस अस्पताल: प्रापर्टी टैक्स में गड़बड़ी की खुलेगी फाइल, तीन साल से जमा नहीं हुआ, क्षेत्रफल का होगा सत्यापन
Thu, 24 Jun 2021 11:21 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 24 Jun 2021 11:21 AM IST
सार
दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में प्रशासन की कमेटी ने श्री पारस अस्पताल को क्लीन चिट दे दी है, लेकिन इस मामले के चर्चित होने के बाद नगर निगम में अस्पताल के टैक्स निर्धारण को लेकर शिकायतें की गईं है। शिकायत में कहा गया है कि श्री पारस अस्पताल का टैक्स निर्धारण साल 2003 में किया गया था।
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पारस अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्री पारस अस्पताल के प्रापर्टी टैक्स में गड़बड़ियों की जांच के लिए नगर निगम अस्पताल की फाइल खोल रहा है। नगर निगम का टैक्स विभाग श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिंजय जैन के नाम दर्ज भवन पर प्रापर्टी टैक्स की पत्रावली की जांच करेगा। तीन साल से श्री पारस अस्पताल की इमारत का टैक्स नगर निगम में जमा नहीं हुआ है। आखिरी बार 18 जून 2018 को अस्पताल के मालिक की ओर से टैक्स जमा कराया गया था।
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दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में प्रशासन की कमेटी ने श्री पारस अस्पताल को क्लीन चिट दे दी है, लेकिन इस मामले के चर्चित होने के बाद नगर निगम में अस्पताल के टैक्स निर्धारण को लेकर शिकायतें की गईं है। शिकायत में कहा गया है कि श्री पारस अस्पताल का टैक्स निर्धारण साल 2003 में किया गया था। यह भवन अस्पताल की श्रेणी में दर्ज नहीं है। इसका निर्धारण अनावासीय में किया गया है।
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प्रापर्टी अस्पताल की जगह दुकान में दर्ज है। श्री पारस अस्पताल की जगह यह भवन अरिंजन जैन और श्वेता जैन के नाम से दर्ज है। 87 हजार रुपये का टैक्स आखिरी बार अस्पताल प्रबंधन ने नगर निगम में भरा है। नगर निगम के हरीपर्वत जोन के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कमार सिंह ने बताया कि पत्रावली में दर्ज क्षेत्रफल और मौके पर व्यवसायिक प्रयोग में लाए जा रहे क्षेत्रफल का सत्यापन किया जाएगा। यह मामला जांच का विषय है। इसकी पत्रावली निकाली जाएगी और मौके पर सत्यापन के बाद ही कुछ बता पाएंगे। अगर गड़बड़ी होगी तो बकाए की वसूली करेंगे।
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