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कब गुलजार होंगे,मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला व उसायनी
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रफ़रोजाबाद ! औधोगिक आस्थान टुंडला में निर्माणाधीन एक इकाई
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। उद्योग विभाग के मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला और उसायनी स्थित 154 व्यवसायिक श्रेणी के भूखंडों पर इकाई स्थापित करने में आवंटी कतरा रहे हैं। कई वर्ष पूर्व आवंटन प्रक्रिया पूरी कराने के बाद उक्त दोनों आस्थानों में नाली, सड़क और खड़ंजा जैसे कार्यों पर जिला उद्योग विभाग दो करोड़ से अधिक की धनराशि भी खर्च कर चुका है।
औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला में व्यवसायिक श्रेणी के 60 और उसायनी में 94 भूखंडों का आवंटन विगत 2014-15 में पूरा कराया गया। शहर से करीब 8-10 किलोमीटर दूर स्थित उक्त औद्योगिक आस्थानों में इकाई स्थापना से जुड़ी बाधाएं दूर कराने को उद्योग विभाग द्वारा करीब पौने दो करोड़ रुपये खर्च कर नाली, सड़क और खड़ंजा आदि का काम भी पीडब्ल्यूडी की निर्माण शाखा के माध्यम से दो वर्ष पूर्व पूरा कराया जा चुका है। बावजूद इसके भूखंडों के आवंटी निर्धारित जगहों पर इकाई स्थापना कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इकाई स्थापना नहीं होने के कारण उक्त औद्योगिक आस्थान फिलहाल निर्जन स्थिति में हैं। वहीं करोड़ों खर्च कर बनाये नाली-सड़क और खड़ंजा जर्जर स्थिति में है।
शहर से दूरी बनी बाधा-
जानकारों की माने तो कांच व चूड़ी उद्योग से जुड़े अधिक श्रमिक फिरोजाबाद में ही निवास करते हैं। इसके अलावा हस्तशिल्प, चूड़ी व कांच उत्पादों को तैयार कराने में खपने वाली सामग्री अथवा कच्चा माल भी फिरोजाबाद में ही सुलभ हो पाता है। ऐसे में सूक्ष्म व अति लघु इकाई लगाने के इच्छुक उद्यमी टूंडला व उसायनी में इकाई स्थापना से कतरा रहे हैं।
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कई प्रयासों के बाद भी नहीं बिजली सप्लाई-
मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला में भूखंड आवंटित कराने वाले विवेक कुमार एवं उसायनी में इकाई स्थापना की तैयारी कर चुके कौशल शर्मा के अनुसार कई बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी उक्त दोनों जगहों पर बिजली सप्लाई की व्यवस्था नहीं है। बिजली के अभाव में इकाई संचालन संभव नहीं है।
मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला व उसायनी में इकाई स्थापना से जुड़ी व्यवस्थाएं कराईं जा रही हैं। जल्द ही बिजली सप्लाई, इंटरनेट जैसे कार्यों के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके बाद भी जो आवंटी इकाई नहीं लगाएंगे। उनके विरुद्ध निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अमरेेेश पांडेय, उपायुक्त उद्योग
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औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला में व्यवसायिक श्रेणी के 60 और उसायनी में 94 भूखंडों का आवंटन विगत 2014-15 में पूरा कराया गया। शहर से करीब 8-10 किलोमीटर दूर स्थित उक्त औद्योगिक आस्थानों में इकाई स्थापना से जुड़ी बाधाएं दूर कराने को उद्योग विभाग द्वारा करीब पौने दो करोड़ रुपये खर्च कर नाली, सड़क और खड़ंजा आदि का काम भी पीडब्ल्यूडी की निर्माण शाखा के माध्यम से दो वर्ष पूर्व पूरा कराया जा चुका है। बावजूद इसके भूखंडों के आवंटी निर्धारित जगहों पर इकाई स्थापना कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इकाई स्थापना नहीं होने के कारण उक्त औद्योगिक आस्थान फिलहाल निर्जन स्थिति में हैं। वहीं करोड़ों खर्च कर बनाये नाली-सड़क और खड़ंजा जर्जर स्थिति में है।
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शहर से दूरी बनी बाधा-
जानकारों की माने तो कांच व चूड़ी उद्योग से जुड़े अधिक श्रमिक फिरोजाबाद में ही निवास करते हैं। इसके अलावा हस्तशिल्प, चूड़ी व कांच उत्पादों को तैयार कराने में खपने वाली सामग्री अथवा कच्चा माल भी फिरोजाबाद में ही सुलभ हो पाता है। ऐसे में सूक्ष्म व अति लघु इकाई लगाने के इच्छुक उद्यमी टूंडला व उसायनी में इकाई स्थापना से कतरा रहे हैं।
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कई प्रयासों के बाद भी नहीं बिजली सप्लाई-
मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला में भूखंड आवंटित कराने वाले विवेक कुमार एवं उसायनी में इकाई स्थापना की तैयारी कर चुके कौशल शर्मा के अनुसार कई बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी उक्त दोनों जगहों पर बिजली सप्लाई की व्यवस्था नहीं है। बिजली के अभाव में इकाई संचालन संभव नहीं है।
मिनी औद्योगिक आस्थान टूंडला व उसायनी में इकाई स्थापना से जुड़ी व्यवस्थाएं कराईं जा रही हैं। जल्द ही बिजली सप्लाई, इंटरनेट जैसे कार्यों के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके बाद भी जो आवंटी इकाई नहीं लगाएंगे। उनके विरुद्ध निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अमरेेेश पांडेय, उपायुक्त उद्योग