अकोला। विकास खंड खेरागढ़ के गांव बेरी चाहर में दो दिन पूर्व माइनर की पटरी कट जाने से करीब 10 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलमग्न हो गई। किसानों को इसकी जानकारी हुई तो किसान अपना काम छोड़ खेतों की तरफ भागे, तो देखा कि उनकी खड़ी फसल माइनर की पटरी टूटने से जल मग्न हो गई है। मौंके पर ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह कटान को बंद किया, कटान को बंद करने में ग्रामीणों को करीब 2 दिन का समय लगा।
आक्रोशित किसानों का कहना है कि नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी अधिकारी मौंके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि गेहूं की करीब 10 बीघा खड़ी फसल जल मग्न हुई है। इनमें बेरी चाहर के किसान राजवीर सिंह पुत्र पदम सिंह, रामवीर सिंह पुत्र पदम सिंह, छीतर सिंह पुत्र थान सिंह, तेजवीर उर्फ पैनी पुत्र महेंद्र सिंह, कृपाल सिंह पुत्र पोहप सिंह आदि किसानों की गेहूं की खड़ी फसल जलमग्न हो गई। माइनर की पटरी टूटने से खेत में हुए जल भराव में किसानों का काफी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने जलमग्न हुई किसानों की खड़ी फसल का मुआयना कर मुआवजे की मांग की है।