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हम मुस्लिम ही हैं
आगरा, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2014 01:52 PM IST
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24 घंटे बाद ही धर्मांतरण मामले में मुस्लिम परिवारों ने यू-टर्न ले लिया है। हवन में आहुति डालकर हिंदू धर्म अपनाने का दावा करने वाले लोगों ने धर्म परिवर्तन को नकार दिया है। वे इससे ज्यादा कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बस्ती के ठेकेदार (सर्वेसर्वा) की पत्नी ने हिंदूवादी संगठन पर गुमराह करने और डराने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उनसे पूजा में बैठने पर बीपीएल कार्ड बनवाने का लालच दिया गया था। धर्म जागरण और बजरंग दल का कहना है कि किसी को गुमराह नहीं किया। बीपीएल कार्ड बनवाने का जो वाद किया था, वे उसे पूरा करेंगे।
बता दें कि सोमवार को देवरी रोड स्थित देव नगर के पीछे बस्ती में रहने वाले लगभग 37 मुस्लिम परिवारों ने हवन में आहुति डालकर और कलाई में कलावा बंधवाकर हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया था। बस्ती के बहुत से लोगों ने इस संबंध में स्वेच्छा से बयान भी दिया था। मंगलवार सुबह इन्होंने धर्मांतरण को नकार दिया।
सोमवार को धर्मांतरण का कार्यक्रम आयोजित करवाने वाले बस्ती के ठेकेदार इस्माइल की पत्नी मुनिरा बेगम ने कहा कि वह अब भी मुस्लिम ही हैं। मुनिरा का कहना है कि हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने उसके पति (इस्माइल) को गुमराह किया। उनसे उन्होंने बीपीएल कार्ड का लालच देकर सभी लोगों को पूजा में बैठने के लिए कहा था। जानकारी होने पर पूजा से क्यों नहीं उठे? सवाल पर मुनिरा का कहना है कि लोग काफी डरे हुए थे। पुलिस से शिकायत करने के सवाल पर भी यही जवाब दिया।
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इधर, ठेकेदार इस्माइल का कहना है कि उससे फोटो खिंचवाने की बात कही गई थी। उसे नहीं पता था कि उससे या बस्ती के लोगों से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
हमने किसी को गुमराह नहीं किया। अधिकांश लोगों के वोटर कार्ड बने हुए हैं। हमने सिर्फ धर्म परिवर्तन करने वालों से बीपीएल कार्ड बनवाने का आश्वासन दिया था, जिस पर अभी भी हम कायम हैं।
- नंदकिशोर, प्रांत संयोजक, धर्म जागरण
अगर हम डराते तो यह लोग बाद में भी मीडिया या पुलिस के समक्ष अपनी स्थिति बयां कर सकते थे। बस्ती के लोग अपनी मर्जी से आए थे। इन सभी ने आर्य समाज के फार्म भी भरे हैं।
- अज्जू चौहान, प्रांत सह संयोजक, बजरंग दल
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बता दें कि सोमवार को देवरी रोड स्थित देव नगर के पीछे बस्ती में रहने वाले लगभग 37 मुस्लिम परिवारों ने हवन में आहुति डालकर और कलाई में कलावा बंधवाकर हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया था। बस्ती के बहुत से लोगों ने इस संबंध में स्वेच्छा से बयान भी दिया था। मंगलवार सुबह इन्होंने धर्मांतरण को नकार दिया।
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सोमवार को धर्मांतरण का कार्यक्रम आयोजित करवाने वाले बस्ती के ठेकेदार इस्माइल की पत्नी मुनिरा बेगम ने कहा कि वह अब भी मुस्लिम ही हैं। मुनिरा का कहना है कि हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने उसके पति (इस्माइल) को गुमराह किया। उनसे उन्होंने बीपीएल कार्ड का लालच देकर सभी लोगों को पूजा में बैठने के लिए कहा था। जानकारी होने पर पूजा से क्यों नहीं उठे? सवाल पर मुनिरा का कहना है कि लोग काफी डरे हुए थे। पुलिस से शिकायत करने के सवाल पर भी यही जवाब दिया।
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इधर, ठेकेदार इस्माइल का कहना है कि उससे फोटो खिंचवाने की बात कही गई थी। उसे नहीं पता था कि उससे या बस्ती के लोगों से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
हमने किसी को गुमराह नहीं किया। अधिकांश लोगों के वोटर कार्ड बने हुए हैं। हमने सिर्फ धर्म परिवर्तन करने वालों से बीपीएल कार्ड बनवाने का आश्वासन दिया था, जिस पर अभी भी हम कायम हैं।
- नंदकिशोर, प्रांत संयोजक, धर्म जागरण
अगर हम डराते तो यह लोग बाद में भी मीडिया या पुलिस के समक्ष अपनी स्थिति बयां कर सकते थे। बस्ती के लोग अपनी मर्जी से आए थे। इन सभी ने आर्य समाज के फार्म भी भरे हैं।
- अज्जू चौहान, प्रांत सह संयोजक, बजरंग दल