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जलकल : प्रधान लिपिक और बिल संग्राहक निलंबित
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 25 Jan 2016 02:19 AM IST
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जलकल विभाग में हुए कर घोटाले के खुलासे पर चार कर्मचारियों पर गाज गिरी है। महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने वित्तीय अनियमितता में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रधान लिपिक अरुण कुमार चतुर्वेदी और बिल संग्राहक गौरव गुप्ता को निलंबित कर दिया है। साथ ही दो कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया है। जोन द्वितीय के लेखाकार राजेश वर्मा को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
बता दें कि अमर उजाला ने जलकल विभाग में जलकर वसूली की आड़ में हो रहे घपले को उजागर किया था। कर्मचारियों ने कागजी खानापूर्ति कर बहुत से बिलों में वाटर चार्ज और सीवर चार्ज में हेराफेरी कर हजारों रुपये के बिलों को कुछ सौ रुपये में तब्दील कर लाखों रुपये का खेल कर दिया। अमर उजाला के इस खुलासे के बाद महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए प्राथमिक जांच के आदेश दे दिए। रविवार को जांच की प्राथमिक रिपोर्ट आने के बाद महाप्रबंधक ने प्रधान लिपिक और बिल संग्राहक को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। वहीं, द्वितीय श्रेणी लिपिक राकेश सिंह और मीटर रीडर ईश्वरी प्रसाद का जोन-तृतीय में स्थानांतरण कर दिया। साथ ही जोन द्वितीय के लेखाकार राजेश वर्मा को पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट वित्त अधिकारी के माध्यम से उन्हें उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि इस प्रकरण पर जलकल विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों के बीच विभाग की छवि धूमिल होती देख महाप्रबंधक ने रविवार को छुट्टी के दिन भी प्राथमिक जांच रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई के आदेश जारी किए। मगर, सूत्रों का कहना है कि फिलहाल छोटी मछलियों पर कार्रवाई हुई है। लाखों रुपये के घोटाले के बड़े आरोपी अभी शिकंजे से बाहर हैं।
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बता दें कि अमर उजाला ने जलकल विभाग में जलकर वसूली की आड़ में हो रहे घपले को उजागर किया था। कर्मचारियों ने कागजी खानापूर्ति कर बहुत से बिलों में वाटर चार्ज और सीवर चार्ज में हेराफेरी कर हजारों रुपये के बिलों को कुछ सौ रुपये में तब्दील कर लाखों रुपये का खेल कर दिया। अमर उजाला के इस खुलासे के बाद महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए प्राथमिक जांच के आदेश दे दिए। रविवार को जांच की प्राथमिक रिपोर्ट आने के बाद महाप्रबंधक ने प्रधान लिपिक और बिल संग्राहक को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। वहीं, द्वितीय श्रेणी लिपिक राकेश सिंह और मीटर रीडर ईश्वरी प्रसाद का जोन-तृतीय में स्थानांतरण कर दिया। साथ ही जोन द्वितीय के लेखाकार राजेश वर्मा को पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट वित्त अधिकारी के माध्यम से उन्हें उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि इस प्रकरण पर जलकल विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों के बीच विभाग की छवि धूमिल होती देख महाप्रबंधक ने रविवार को छुट्टी के दिन भी प्राथमिक जांच रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई के आदेश जारी किए। मगर, सूत्रों का कहना है कि फिलहाल छोटी मछलियों पर कार्रवाई हुई है। लाखों रुपये के घोटाले के बड़े आरोपी अभी शिकंजे से बाहर हैं।
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