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नलकूप सरकारी और पानी बेच रहे दबंग
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खेड़ा महान में ऑपरेटर द्वारा बोरिंग में डाली गई सबमर्सिबल।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी/नौरमई। जिले के कई सरकारी नलकूप दुरुस्त हैं, इनसे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है। कुछ ऐसी ही रिपोर्ट नलकूप विभाग शासन को भेज रहा है। वहीं, दूसरी तरफ स्थिति इसके विपरीत है। जिले में पचास के करीब सरकारी नलकूप खराब पड़े हैं। कुछ नलकूपों में ऑपरेटर से सांठगांठ करके दबंगों ने निजी सबमर्सिबल डाल ली है। अब दबंग पानी का धंधा कर रहे हैं। सरकारी नलकूपों से किसानों को पानी बेचा जा रहा है।
जिले में 566 सरकारी नलकूपों फसलों की सिंचाई के लिए स्थापित हैं। खराब नलकूपों को ठीक कराने की जगह नलकूप विभाग अपनी रिपोर्ट में नलकूप ठीक होना दर्शाता आ रहा है। इसी का फायदा दबंग और नलकूप ऑपरेटर उठा रहे हैं। क्षेत्र में करीब पांच नलकूपों में दबंग निजी सबमर्सिबल डालकर पानी का कारोबार कर रहे हैं। कुल मिलाकर नलकूप सरकारी है और बिजली का बिल भी नलकूप विभाग के खाते में जा रहा है, ऐसे में सिर्फ दबंग सबमर्सिबल लगाकर मुनाफा उठा रहे हैं।
ऑपरेटर करता है किसानों से वसूली
खेड़ा महान के सरकारी नलकूप संख्या 134 पर नलकूप ऑपरेटर की मिलीभगत से गांव के ही युवक ने सबमर्सिबल डाल रखी है। किसानों से 60 रुपया प्रति घंटा के पानी का वसूला जा रहा है। ऑपरेटर किसानों से वसूली करता है। खेतों में पानी देने का काम युवक संभालता है।
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शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
नगला समलक में नलकूप संख्या 108 में कई साल से पूर्व प्रधान ने प्राइवेट सबमर्सिबल डाल रखी है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की है। पूर्व प्रधान ही किसानों को 60 से 70 रुपया प्रति घंटा के हिसाब से सिंचाई के लिए पानी देता है।
पहचान छिपाने के लिए सरकारी नलकूप की कोठरी भी तोड़ दी
नौरमई में नलकूप संख्या 29 में गांव के ही एक व्यक्ति ने ऑपरेटर से मिलकर सबमर्सिबल डाल रखी है। पहचान छिपाने के लिए सरकारी नलकूप की कोठरी भी तोड़ दी है। किसानों से 100 प्रति घंटे के हिसाब से पैसे वसूले जा रहे हैं। शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं होती है।
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जिले में 566 सरकारी नलकूपों फसलों की सिंचाई के लिए स्थापित हैं। खराब नलकूपों को ठीक कराने की जगह नलकूप विभाग अपनी रिपोर्ट में नलकूप ठीक होना दर्शाता आ रहा है। इसी का फायदा दबंग और नलकूप ऑपरेटर उठा रहे हैं। क्षेत्र में करीब पांच नलकूपों में दबंग निजी सबमर्सिबल डालकर पानी का कारोबार कर रहे हैं। कुल मिलाकर नलकूप सरकारी है और बिजली का बिल भी नलकूप विभाग के खाते में जा रहा है, ऐसे में सिर्फ दबंग सबमर्सिबल लगाकर मुनाफा उठा रहे हैं।
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ऑपरेटर करता है किसानों से वसूली
खेड़ा महान के सरकारी नलकूप संख्या 134 पर नलकूप ऑपरेटर की मिलीभगत से गांव के ही युवक ने सबमर्सिबल डाल रखी है। किसानों से 60 रुपया प्रति घंटा के पानी का वसूला जा रहा है। ऑपरेटर किसानों से वसूली करता है। खेतों में पानी देने का काम युवक संभालता है।
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शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
नगला समलक में नलकूप संख्या 108 में कई साल से पूर्व प्रधान ने प्राइवेट सबमर्सिबल डाल रखी है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की है। पूर्व प्रधान ही किसानों को 60 से 70 रुपया प्रति घंटा के हिसाब से सिंचाई के लिए पानी देता है।
पहचान छिपाने के लिए सरकारी नलकूप की कोठरी भी तोड़ दी
नौरमई में नलकूप संख्या 29 में गांव के ही एक व्यक्ति ने ऑपरेटर से मिलकर सबमर्सिबल डाल रखी है। पहचान छिपाने के लिए सरकारी नलकूप की कोठरी भी तोड़ दी है। किसानों से 100 प्रति घंटे के हिसाब से पैसे वसूले जा रहे हैं। शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं होती है।