फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Water is not coming in Sarsai Rajbaha for two months, farmers worried

सरसई रजबहा में दो माह से नहीं आ रहा पानी, किसान चिंतित

Wed, 03 Mar 2021 11:39 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Mar 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
Water is not coming in Sarsai Rajbaha for two months, farmers worried
सिढ़पुरा (कासगंज)। सरसई रजबहा में दो माह से पानी नहीं आ रहा है। इससे ग्राम पंचायत पिथनपुर के ग्रामीण परेशान हैं। किसानों की फसलें सूख रही हैं। किसानों ने डीएम से रजबहा में शीघ्र पानी छोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत पिथनपुर के ग्रामीणों को सिंचाई के लिए पानी सरसई रजबहा से पानी मिलता है। किसानों का कहना है कि रजबहा में दो माह से पानी नहीं आया है। इससे किसानों की फसलें सूखने के कगार पर हैं।
विज्ञापन

सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसान चिंतित हैं। किसान फसलों को सूखने से बचाने के लिए डीजल पंप सेट से सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे फसलों की लागत बढ़ रही है। किसानों ने डीएम से मांग की कि शीघ्र रजबहा में पानी छोड़ा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूख रही फसल
सरसई रजबहा में पानी नहीं आने से खेतों में खड़ी फसल सूख रही हैं। रजबहा में पानी आने का इंतजार हैं। रजबहा में पानी आए तो सिंचाई करें।
- छोटेलाल, किसान, पिथनपुर
पट्टे लेकर की है खेती
पांच बीघा खेत पट्टे पर लेकर गेहूं की फसल की है। अब खड़ी फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। मजबूरी में डीजल पंप सेट से महंगी सिंचाई करनी पड़ रही है। - विजयपाल, किसान, नगला बल्देव।
महंगी सिंचाई को मजबूर
दो माह से रजबहा में पानी नहीं है। मेहनत की फसलें को सूखते नहीं देख सकते। डीजल पंप सेटों से महंगी सिंचाई कर खेतों में पानी लगाने को मजबूर हैं। रजबहा में शीघ्र पानी छोड़ा जाए।
- सौदान सिंह, किसान, पिथनपुर
गोशाला में चारे की घास भी सूख रही है
एक माह पूर्व गोशाला में 15 बीघा जमीन पर नेपियर घास लगाई थी। रजबहा में पानी न आने से घास सूख रही है। गोशाला में दो सबमर्सिबल हैं, इनसे गोवंश के लिए पानी की जरूरत तो पूरी हो जाती है, लेकिन घास की सिंचाई मुश्किल है।

- चंद्रशेखर, गोसेवक, पिथनपुर गोशाला
गंगा नदी में ही पानी कम
गंगा नदी में ही पानी कम है। इससे नहरों में पानी की आपूर्ति कम हो पा रही है। इसके चलते रजबहों में भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। 500 से 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नरौरा से 1000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की डिमांड की गई है।
- अरुण कुमार, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed