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पानी का संकट: आगरा में एक-एक बूंद के लिए करनी पड़ीं लोगों से मिन्नतें, आज शाम को चालू होंगे प्लांट

Fri, 25 Jun 2021 08:52 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 25 Jun 2021 08:52 AM IST
सार

बेहद घने बसे लोहामंडी, नौबस्ता, खतैना क्षेत्र में जैसे ही दोपहर में टैंकर पहुंचा तो मारामारी मच गई। पानी लेने के लिए लोगों में विवाद शुरू हो गया। तीन दिन से चल रहे पानी के संकट के बीच टैंकर का ही सहारा मिला। पार्षद शरद चौहान ने टैंकर मंगवाए। पानी के लिए कतार लगवाई, तब वितरण शुरू कराया।
 

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Water Criris In Agra: Gangajal Plant Will Starts From Today Evening
आगरा में गंगाजल न मिलने से पानी की समस्या आई सामने - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा शहर में तीसरे दिन गुरुवार को भी पानी का संकट बना रहा। शहर के 8 लाख लोग सबमर्सिबल पंप और टीटीएसपी टंकियों पर निर्भर रहे। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को सबमर्सिबल वाले पड़ोसियों की मिन्नतें करनी पड़ीं।

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आवास विकास कॉलोनी, शाहगंज, अर्जुन नगर, बोदला, जगदीशपुरा, प्रकाश नगर, किशोरपुरा, लोहामंडी, मदिया कटरा, राजा की मंडी, गोकुलपुरा, अशोक नगर, बेलनगंज, छीपीटोला, ईदगाह समेत क्षेत्रों में पानी के लिए लोग पड़ोसियों के सबमर्सिबल पंप से पानी भरने के लिए पहुंचे। पानी की किल्लत शुक्रवार को भी झेलनी होगी। जलकल विभाग शुक्रवार शाम को पालड़ा से गंगाजल मिलने का दावा कर रहा है।
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गुरुवार को भी आगरा को गंगाजल नहीं मिल पाया। जीवनी मंडी और सिकंदरा वाटरवर्क्स के गंगाजल के दोनों प्लांट ठप रहे। सिकंदरा पर 144 एमएलडी यमुना जल का शोधन एमबीबीआर प्लांट से किया गया, लेकिन यह आधे शहर के लिए नाकाफी रहा। प्रेशर न होने के कारण टंकियों में यह पानी नहीं पहुंच पा रहा। केवल डायरेक्ट सप्लाई वाले घरों में ही यह कम प्रेशर से मिल पा रहा है। सप्लाई का समय नियत न होने के कारण लोगों को यह उपलब्ध नहीं हो पा रहा। 

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पीपलमंडी: सबमर्सिबल के सहारे लोग
चार से पांच फुट चौड़ी गलियों में रहने वालों को तीसरे दिन भी पानी नहीं मिला। मुख्य मार्ग पर बने भवन में लगे सबमर्सिबल पंप से पानी भरने के लिए पूरी गली के लोगों को मिन्नतें करनी पड़ी। तंग गली के कारण टैंकर अंदर आना मुमकिन नहीं। पाइप लगाकर घरों में सबमर्सिबल पंप से पानी पहुंचा।

लोहामंडी: टैंकर पर मची मारामारी
बेहद घने बसे लोहामंडी, नौबस्ता, खतैना क्षेत्र में जैसे ही दोपहर में टैंकर पहुंचा तो मारामारी मच गई। पानी लेने के लिए लोगों में विवाद शुरू हो गया। तीन दिन से चल रहे पानी के संकट के बीच टैंकर का ही सहारा मिला। पार्षद शरद चौहान ने टैंकर मंगवाए। पानी के लिए कतार लगवाई, तब वितरण शुरू कराया।

जीवनी मंडी पर यमुना जल का शोधन
पानी के लिए मचे हाहाकार पर गुरुवार को जलकल विभाग ने यमुना जल लिफ्ट कर शोधन कराया। जलकल अधिकारियों का दावा है कि 100 एमएलडी यमुना जल शोधन किया गया है, जिसे शाम को सप्लाई किया गया। हालांकि काला महल, पीपलमंडी, जामा मस्जिद, मंटोला, सदरभट्टी क्षेत्र में पानी न मिलने की जानकारी लोगों ने दी है। इन क्षेत्रों के पार्षदों ने भी कहा कि दो दिन से पानी की एक बूंद भी नलों से नहीं निकली। सबमर्सिबल पंप से ही पानी भरा जा रहा है।

एक हजार रुपये का खरीदा टैंकर
पानी के संकट में जलकल विभाग के टैंकर वितरण व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। पूरे शहर में केवल 42 टैंकर ही भेजे गए। ऐसे में टैंकर न मिलने पर लोगों ने निजी टैंकरों को बुलाया और पानी खरीदा। एक हजार रुपये में टैंकर मंगवाए गए। आजमपाड़ा, बालाजीपुरम, रामनगर पुलिया, शाहगंज, भोगीपुरा क्षेत्रों में एक हजार रुपये में पानी का टैंकर खरीदा गया। दूसरी तरफ, यमुना पार इलाके में भी पानी का संकट बना रहा। यहां नुनिहाई, रामबाग, सीता नगर, नवलगंज, कछपुरा क्षेत्र में पानी न मिलने के कारण लोग परेशान रहे और टैंकर मंगवाकर पानी भरा। यहां भूगर्भ जल स्तर नीचे होने के कारण सबमर्सिबल पंप कम संख्या में हैं।

तीन दिन से एक बूंद नहीं आई
तीन दिन हो गए, नल से पानी की एक बूंद तक नहीं आई। यहां तो सबमर्सिबल पंप ही नहीं है जो जाकर भर लें। तंग गलियों में टैंकर आ नहीं सकता। स्कूटी पर अशोक नगर से पानी लेकर आया हूं। - मनमोहन यादव, बाड़ा चरन सिंह

प्लांट से पांच कैंपर भरवाए
पीने के पानी के प्लांट से 5 कैंपर भरवाए, तब जाकर रसोई का काम चला। तीन दिन से पानी नहीं आ रहा। हमने टैंकर मंगवाया, पर जलकल विभाग से आया ही नहीं, पार्षद ने पानी के लिए कुछ नहीं किया। - राजेश बघेल, नगला छऊआ

कोरोना से लड़ें या पानी के लिए जूझें
पड़ोसी से कितने दिन पानी मांगें, अब तो पानी मांगने के लिए कहने में भी शर्म आने लगी है। हर सप्ताह दो से तीन दिन ऐसे ही संकट है। कोरोना से लड़ें या पानी के लिए जूझें। - नीरू सक्सेना, आवास विकास सेक्टर-16

 

आज शाम से मिलेगा पानी
सिंचाई विभाग से वार्ता हुई है। उन्होंने बताया है कि पालड़ा तक पानी पहुंचने लगा है। पाइप पूरी तरह से खाली हो चुके थे। पालड़ा का टैंक भी इन तीन दिनों में सूख गया था। शुक्रवार शाम को पानी उपलब्ध कराएंगे। - आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल

पालड़ा से पानी आने में 24 तक लगेंगे
पालड़ा से पानी आने में 20 से 24 घंटे का समय लग जाएगा, क्योंकि पाइप खाली हैं। पानी रहने पर 14 से 16 घंटे लगते हैं उम्मीद है कि शुक्रवार को प्लांट चल जाएगा और गंगाजल की सप्लाई शुरू हो जाएगी। - आरके गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम

आगरा: भीषण गर्मी में पूरे शहर की आपूर्ति ठप, पानी के लिए तरसे 8 लाख लोग
 
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