Etah: एटा के पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी की गिरफ्तारी का वारंट जारी, हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे
जमीन का अवैध तरीके से प्रयोग करने पर 44 लाख रुपये की आरसी जारी की गई, लेकिन पालिकाध्यक्ष के पति ने यह पैसा जमा नहीं किया। जिसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है।
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एटा नगर पालिका की मौजूदा अध्यक्ष के पति पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। आरसी के 44 लाख रुपये जमा न करने पर हिरासत में लेने का आदेश दिया गया है। इसे लेकर वह हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं।
मामला पूर्व पालिकाध्यक्ष के घिलौआ स्थित चंद्रास्वामी इंटर कॉलेज से जुड़ा हुआ है। यहां सरकारी जमीन को घेरकर निर्माण करने का आरोप था। इसे लेकर प्रशासन ने पांच जून को कॉलेज पर बुलडोजर चलाया। ध्वस्तीकरण कर डेढ़ बीघा सरकारी जमीन को मुक्त कराया।
जमीन का अवैध तरीके से प्रयोग करने पर 44 लाख रुपये की आरसी जारी कर दी गई, लेकिन पूर्व पालिकाध्यक्ष ने यह पैसा जमा नहीं किया। इस पर तहसीलदार न्यायालय से उनके गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। उधर, प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में पूर्व पालिकाध्यक्ष ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका डाल दी है। फिलहाल वह शहर में भी नहीं हैं।
एक महीने में दर्ज हो चुके दो मुकदमे
पूर्व पालिकाध्यक्ष पर आपराधिक मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है। जून में ही दो मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पहला मुकदमा जहां सरकारी जमीन पर कॉलेज बनाने को लेकर राजस्व विभाग द्वारा दर्ज कराया गया।
भाजपा नेता ने भी दर्ज कराया मुकदमा
दूसरा मुकदमा, भाजपा अनुसूचित मोर्चा की प्रांत कार्यकारिणी के सदस्य शिवरतन दिवाकर ने 21 जून को दर्ज कराया। उनको कार में बैठाकर जमीन का बैनामा करने के लिए धमकाने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। दोनों मुकदमे में पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है।
तहसीलदार सीवी सिंह ने बताया कि 44 लाख रुपये की आरसी के मामले में वारंट जारी किया गया है। अमीनों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें हिरासत में लेकर धनराशि जमा कराएं।
पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी ने कहा कि चुनाव को लेकर विरोधियों द्वारा द्वेषपूर्ण भावना से प्रशासन को गुमराह कर कार्रवाई कराई जा रही है। 44 लाख रुपये में से एक भी रुपया जमा नहीं करूंगा। उच्च न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद है।