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शर्मनाक: वार्ड ब्वाय व स्ट्रेचर नहीं मिला तो ई-रिक्शा से ले गए मरीज, सामने आई ये तस्वीर
Sun, 16 Feb 2020 11:40 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 16 Feb 2020 11:40 AM IST
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ई-रिक्शा से ले गए मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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एसएन मेडिकल कॉलेज में एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां पर मरीज की जांच के लिए वार्ड ब्वाय और स्ट्रेचर नहीं मिला तो मजबूरन घरवालों को ई-रिक्शा के फर्श पर मरीज को लिटाकर ले जाना पड़ा।
माईथान निवासी अलका ने बताया कि उनका भाई दीपक कुमार घड़ी वाली इमारत में सोमवार से भर्ती है। शनिवार को डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने के लिए कहा। वार्ड ब्वाय और स्ट्रेचर के लिए करीब घंटे भर तक इंतजार किया।
जब सुविधा नहीं मिली तो ई-रिक्शा किराये पर करके लाए। हालत खराब होने के कारण सीट पर मरीज नहीं आ पा रहा था, ऐसे में उसे ई-रिक्शा के फर्श पर ही लिटा दिया।
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परिजनों ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ, हर बार जांच के लिए किराए पर ही रिक्शा लेकर आना पड़ता है। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि मरीजों की जांच के लिए वार्ड ब्वाय और स्ट्रेचर दिए जाने चाहिए, ऐसा क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच कराता हूं।
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माईथान निवासी अलका ने बताया कि उनका भाई दीपक कुमार घड़ी वाली इमारत में सोमवार से भर्ती है। शनिवार को डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने के लिए कहा। वार्ड ब्वाय और स्ट्रेचर के लिए करीब घंटे भर तक इंतजार किया।
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जब सुविधा नहीं मिली तो ई-रिक्शा किराये पर करके लाए। हालत खराब होने के कारण सीट पर मरीज नहीं आ पा रहा था, ऐसे में उसे ई-रिक्शा के फर्श पर ही लिटा दिया।
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परिजनों ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ, हर बार जांच के लिए किराए पर ही रिक्शा लेकर आना पड़ता है। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि मरीजों की जांच के लिए वार्ड ब्वाय और स्ट्रेचर दिए जाने चाहिए, ऐसा क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच कराता हूं।