आगरा: 116 पुरानी मिल में तेज धमाका, दीवार और छत गिरी, बम निरोधक दस्ते ने की जांच
- विस्फोट की आशंका पर दहशत में आए आसपास के लोग, बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक साइंस लैब की टीम ने की जांच
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पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक साइंस लैब की टीम को बुलाया। मगर, धमाका किससे हुआ? यह पता नहीं चल सका। जोंस मिल 1904 में बनी थी। थाना छत्ता के प्रभारी निरीक्षक सुनील दत्त ने बताया कि एक हिस्से पर विवाद चल रहा है। परिसर में कई ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम भी हैं।
विजय नगर निवासी कुलवीर सिंह सोढ़ी की ट्रांसपोर्ट कंपनी का गोदाम भी यहीं है। धमाके से कुलवीर सिंह की ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम के एक हिस्से की दीवार और छत गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद धुआं हुआ। विस्फोटक की दुर्गंध भी आ रही थी। घटनास्थल के पास ही खाटू श्याम जी का मंदिर है।
धमाका इतना जबर्दस्त था कि आवाज 500 मीटर दूर तक लोगों ने सुनी। इस कारण बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद भी पहुंच गए। थाना छत्ता के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि धमाके का कारण पता नहीं चल सका है। जांच की जा रही है।
जिस जगह पर धमाका हुआ, उस जगह पर कुछ दूर ही मजदूर बैठे हुए थे। धमाके से वह दहशत में आ गए। उनका कहना था कि जिस भवन में धमाका हुआ, वहां आसपास बनी पुरानी दुकानों के शटर भी टेढ़े पड़ गए। आसपास कई ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम भी हैं।
चल रहा विवाद
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कुलवीर सिंह का कहना है कि परिसर में उनका गोदाम 1973 से है। उनका कुछ लोगों से 1974 से विवाद चल रहा है। उन्होंने धमाके के पीछे साजिश की आशंका जाहिर की। मगर, कोई शिकायत नहीं की है।
दो संदिग्ध नजर आए
पुलिस ने धमाके के बारे पड़ताल के लिए आसपास दुकानों और गोदाम पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें दो संदिग्ध युवक कुछ देर पहले घटनास्थल की ओर जाते दिख रहे हैं। इनकी उम्र तकरीबन 25 और 30 साल है। पुलिस ने फुटेज कब्जे में ले लिए हैं। धमाका करने में इन्हीं युवकों का हाथ तो नहीं? इसकी जांच की जा रही है।